दिल्ली अग्निकांडों में अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं : प्रेस रिव्यू

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बीते 8 सालों में दिल्ली के नंद नगरी, बवाना और करोल बाग में आग की घटनाओं में 52 लोग मारे गए लेकिन पुलिस, नागरिक निकाय और दिल्ली फायर सर्विसेज विभाग से एक भी अधिकारी का मजिस्ट्रियल जांच में नाम दर्ज नहीं किया गया.
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार दिल्ली में अनाज मंडी में बीते 8 दिसंबर को लगी आग में 43 लोगों की मौत हो गई है और परिवारवाले न्याय की मांग कर रहें हैं.
लेकिन पहले हो चुकी तीन घटनाएं और उनके बाद की कार्रवाई न्याय व्यवस्था पर और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करती हैं.
दिल्ली में हुई तीन प्रमुख घटनाओं ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा उल्लंघन पर प्रकाश डाला है. बीते 8 सालों में नंद नगरी, बवाना और करोल बाग में 52 लोग मारे गए लेकिन पुलिस, स्थानीय निकाय और दिल्ली फायर सर्विसेज विभाग से एक भी अधिकारी का मजिस्ट्रियल जांच में नाम दर्ज नहीं किया गया.

इन तीन घटनाओं में आज तक कोई दोषी नहीं साबित हो सका. दो लोगों को 200 के जुर्माने पर छोड़ दिया गया है और सभी 11 अन्य अभियुक्त ज़मानत पर बाहर हैं
राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाएगी सरकार

दैनिक जागरण में छपी ख़बर के अनुसार केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार तीन महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने जा रही है.
गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी है. साथ ही उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में योजना बनाने, ट्रस्ट बनाने, ट्रस्ट के कामकाज, ट्रस्टियों के अधिकार, ट्रस्ट को भूमि हस्तांतरण जैसे बहुत से मामले शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार और दी गई समय सीमा के अंदर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.
आपस में ही भिड़े सीआरपीएफ जवान, दो अफ़सरों की मौत
अमर उजाला की खब़र के मुताबिक़ झारखंड में दो अलग-अलग मामलों में चार जवानों की मौत हो गई है. पहला मामला रांची जबकि दूसरा मामला गोमिया का है.
विधानसभा चुनावों में तैनात किए गए सीआरपीएफ जवान सोमवार को आपस में ही भिड़ गए और एक दूसरे पर गोलीबारी की जिसमें असिस्टेंड कमांडेंट समेत दो अधिकारियों की मौक़े पर ही मौत हो गई है.

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इस घटना में चार अन्य जवानों के घायल होने की सूचना है. गोलीबारी करने वाले जवान की पहचान दीपेंद्र यादव के रूप में हुई है. यादव पर एक पहरेदार ने गोलीबारी कर काबू पा लिया.
एंग्लो-इंडियन पर चुप्पी और कोटा बढ़ता संदेह
टाइस ऑफ़ इंडिया के अनुसार लोकसभा ने 126 वाँ संविधान संशोधन विधेयक पारित किया, जिसमें एससी और एसटी को जनवरी 2030 तक आरक्षण देने की मांग की गई, लेकिन एंग्लो-इंडियन समुदाय के मुद्दे पर चुप्पी साध ली.
कांग्रेस, डीएमके, एनसीपी, टीएमसी और सीपीएम के साथ एनडीए की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) सहित कई विपक्षी दलों ने एंग्लो-इंडियन समुदाय के लिए कोटा समाप्त करने की मांग करने वाले विधेयक पर चिंता व्यक्त की.
क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विधेयक में एंग्लो-इंडियन के लिए आरक्षण का प्रावधान था. उन्होंने कहा कि सरकार अभी भी इस पर विचार कर रही है. लेकिन एंग्लो-इंडियन समुदाय को आरक्षण देने के लिए सदन को दिन विचार करना ही है. वर्तमान में, दो एंग्लो-इंडियन सदस्य लोकसभा के लिए और 13 राज्यों की विधानसभाओं के लिए नामांकित किए जाते हैं,.
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