राहुल गांधी के आने से पहले कांग्रेस नेताओं के छूटे पसीने

- Author, रजनीश कुमार
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बीआईटी मेसरा
राँची में बीआईटी मेसरा का पंचायत मैदान. मंगलवार को जैसे ही घड़ी की सुई दोपहर बाद दो पर गई कि कांग्रेसियों के हाथ-पाँव फूलने लगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री और राँची से कांग्रेस के सांसद रहे सुबोधकांत सहाय के चेहरे पर परेशानी साफ़ झलक रही थी.
वो बार-बार फ़ोन पर किसी से बात कर रहे हैं. झारखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उराँव भी मंच पर चिंता में इधर-उधर चल रहे हैं. मंच पर जितने कांग्रेसी थे, सभी ख़ाली कुर्सियों को देख निराश हो रहे थे.
इसी बीच सुबोधकांत सहाय माइक लेते हैं और बोलते है, ''मैं सुरक्षाकर्मी भाइयों और बहनों से अनुरोध कर रहा हूँ कि जो भी लोग बाहर खड़े हैं, उन्हें आने दें. सुरक्षा जाँच को लेकर किसी को आने से ना रोकें. राहुल गांधी बड़कागाँव से उड़ चुके हैं.''
लेकिन सुरक्षाकर्मी किसी को रोक नहीं रहे थे. दरअसल, बाहर लोग थे ही नहीं. सुबोधकांत सहाय फिर किसी को फ़ोन लगाते हैं. कुछ देर बाद माइक पर फिर बोलते हैं, ''राहुल गांधी बड़कागाँव से उड़ चुके हैं और 10 मिनट में ही पहुँच जाएँगे. इस घोषणा के बाद भी ख़ाली कुर्सियाँ नहीं भरीं.''
राहुल गांधी की रैली कवर करने आए पत्रकारों के बीच कानाफूसी होने लगी कि ऐसा न हो कि पार्टी नेता भीड़ कम होने के कारण ऐसा कह दें कि तकनीकी ख़राबी के कारण राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर यहाँ नहीं आ पाया और रैली रद्द हो गई.
'भीड़ तक नहीं जुटा पाए'
कई पत्रकार कहने लगे कि इनसे पाँच हज़ार की भीड़ तक नहीं जुट पा रही है.
एक पत्रकार ने कहा कि इस रैली में हेमंत सोरेन होते तो भीड़ जुटाने को लेकर ऐसी चिंता कांग्रेसियों को नहीं करनी पड़ती. आख़िर दोनों पार्टियों में गठबंधन है. राहुल कुछ रैलियाँ तो हेमंत सोरेन के साथ कर सकते हैं.
मैदान में केवल कांग्रेस का झंडा दिख रहा है. जेएमएम का एक झंडा तक नहीं है. इन्हीं बातचीत के बीच एक महिला चार-पाँच महिलाओं के साथ राहुल गांधी ज़िंदाबाद का नारा लगाते हुए मैदान में पहुँचती है.
इन महिलाओं पर सुबोधकांत सहाय और रामेश्वर उराँव की नज़र जाती है और मानों उनके मन में उम्मीद सी जग गई हो कि लोग आएँगे.
बीआईटी मेसरा का इलाक़ा खिजरी विधानसभा क्षेत्र में है. राहुल गांधी के आने का वक़्त हो गया है लेकिन कुर्सियां ख़ाली हैं. पत्रकारों के बीच भीड़ की बात होने लगी कि किसकी रैली में कितनी भीड़ आ रही है.
किसकी रैली में कितनी भीड़

एक पत्रकार ने कहा कि अमित शाह की रैली में भी भीड़ नहीं जुट रही है. दूसरे ने कहा प्रधानमंत्री मोदी और आजसू प्रमुख सुदेश महतो की रैली में ठीकठाक भीड़ आ रही है
तीसरे ने कहा कि एसपीजी सुरक्षा ख़त्म होने के बाद राहुल की सुरक्षा को लेकर इतनी चौकसी नहीं दिख रही. इसी बीच सुबोधकांत सहाय फिर से माइक पर सुरक्षाकर्मियों से अनुरोध करते हैं कि सभी को अंदर आने दें.
इसका परिणाम ये हुआ कि पुलिस वालों ने लोगों के बैग चेक करना बंद कर दिया. लेकिन ऐसा नहीं हुआ कि सारी कुर्सियाँ भर गईं. हेलिकॉप्टर की आवाज़ आई और मंच पर सभी कांग्रेसी परेशान हो गए.
सुबोधकांत ने फिर ने माइक सँभाला और ज़ोर से कहना शुरू किया- भाइयो और बहनों जल्दी आ जाएं, बस राहुल जी मंच पर आने ही वाले हैं. अचानक से सड़क पर एक लंबी लाइन दिखी. उनके आगे कुछ गाड़ियाँ थीं, पोस्टर, बैनर और कांग्रेस के झंडे लिए लोग. ये नारे लगाते हुए मैदान की तरफ़ बढ़ रहे थे. मानों कांग्रेसियों की बाँछे खिल गई.
राहुल के मंच पर पहुँचते-पहुँचते चार-पाँच हज़ार की भीड़ वाला यह मैदान भर चुका था. राहुल गांधी ने लोगों का अभिवादन किया और लोगों ने राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाए.
'प्याज़डेढ़ सौ रुपए किलो क्यों'

राहुल से पहले भीड़ को कुछ कांग्रेसियों ने संबोधित किया. इस दौरान राहुल और झारखंड के कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह आपस में बात करते रहे. राहुल गांधी लोगों को संबोधित करने आए तो लोगों ने ज़ोरदार नारे लगाए. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कई बार छत्तीसगढ़ की नज़ीर दी.
कांग्रेस की सरकारें और भी जगह हैं लेकिन राहुल ने किसी भी राज्य का नाम नहीं लिया. वो बार-बार भूपेश बघेल की तारीफ़ करते दिखे और लोगों से वादा किया कि झारखंड में उनके गठबंधन की सरकार बनी तो भूपेश बघेल की तर्ज़ पर सरकार चलेगी.
राहुल जब बोल रह रहे थे तो भीड़ बिल्कुल शांत थी. राहुल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा, ''वित्त मंत्री कहती है कि वो ऐसे परिवार से आती है जहां प्याज़ और लहसुन नहीं खाया जाता. अरे तुमसे पूछ कौन रहा है कि तुम क्या खाती हो क्या नहीं खाती हो. ये बताओ को 150 रुपए किलो प्याज़ क्यों है? तुम्हें जो खाना है खाओ.''
राहुल की इस टिप्पणी पर लोग हँस पड़े और एक बार फिर से राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाए. अपने 20 मिनट के भाषण में राहुल ने पीएम मोदी को ख़ूब निशाने पर लिया. रघुबर दास को 'भ्रष्ट' कहा और नोटबंदी-जीएसटी की आलोचना की.
राहुल जब भीड़ को संबोधित कर रहे थे तो पत्रकारों आपस में बात करते हुए इस निर्णय पर पहुँचे कि उन्हें भाषण देना आ गया है. वो मुद्दे की बात कर रहे हैं और लोग ध्यान से सुन रहे हैं.
एक पत्रकार ने कहा, ''बंदा कितना फ़िट है. लगता ही नहीं कि 50 साल का है. दूसरे ने कहा राहुल स्मोक नहीं करते होंगे.''
राहुल गांधी का भाषण ख़त्म होते ही पत्रकार अपना सामान समेटने लगे. भीड़ भी वहाँ से जाने लगे और राहुल का हेलिकॉप्टर धूल उड़ाते हुए भीड़ के ऊपर से निकल गया.
स्मृति इरानी की रैली

खिजरी विधानसभा में ही टाटीसिल्वे के ईईएफ़ मैदान में सोमवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी की रैली थी. टाटीसिल्वे राँची से 15 किलोमीटर की दूरी पर है. इरानी को ढाई बजे ही आना था और शाम चार बज गए हैं.
मैदान में चार-पाँच सौ लोगों की भीड़ स्मृति इरानी का इंतज़ार कर रही है. मंच पर बीजेपी नेताओं का भाषण जारी है. राँची के बीजेपी सांसद संजय सेठ मंच से जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं.
वो चिल्लाकर जय श्रीराम बोलते हैं लेकिन भीड़ से इक्के-दुक्के लोग ही बोलते हैं. फिर वो भारत माता की जय बोलते हैं लेकिन भीड़ का रिस्पॉन्स बहुत ठंडा ही रहता है.
इरानी की रैली को देखने टाटीसिल्वे में रेस्तराँ चलाने वाले मंटू भी आए हैं. उनसे बात की तो बताया कि इसी मैदान में इसी मंच से रविवार को आजसू प्रमुख सुदेश महतो की रैली थी और उसमें बहुत भीड़ थी.
मंटू बताते हैं, ''इस बार बीजेपी के राजकुमार पाहन शायद ही खिजरी से जीत पाएं. अगर आजसू साथ में रहता तो दिक़्क़त नहीं होती. मुसलमान, ईसाई और आदिवासियों का वोट कांग्रेस को मिल जाएगा और महतो का वोट बीजेपी आजसू में बँट जाएगा. ऐसे में कांग्रेस की जीत आसान हो जाएगी.''
मंटू का दावा है कि रघुबर दास के शासनकाल में कुछ काम नहीं हुआ है.
वो कहते हैं, ''टाटीसिल्वे राँची से महज़ बारह किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यहाँ बिजली मुश्किल से सात घंटे रहती है. सड़क ही हालत देख ही रहे हैं. राँची-जमशेदपुर सड़क पिछले पाँच सालों से बन रही है लेकिन अब तक पूरी नहीं हो पाई है. किया कुछ नहीं है लेकिन मजबूरी में वोट बीजेपी को देना पड़ता है. इनको नहीं देंगे किसको दें? कोई विकल्प नहीं है. हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री नहीं बना सकते क्योंकि वो बाहरी और भीतरी की बात बहुत करते हैं.''
'राम आपसे आशीर्वाद माँगने आएं'

इसी बीच स्मृति इरानी का हेलिकॉप्टर धूल उड़ाते हुए मैदान में लैंड करता है. मंच से जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे और तेज़ लगाए जाते हैं. पूरा मैदान धूल से भर जाता है. मानों कोई बवंडर आया हो.
स्मृति इरानी धूल शांत होने तक हेलिकॉप्टर के भीतर ही रहती हैं. जब वो हेलिकॉप्टर से निकलती हैं तो लोग एक नज़र देखने के लिए टूट पड़ते हैं. इरानी के आते ही ख़ाली मैदान आधा भर गया था.
सुरक्षाकर्मी किसी तरह उन्हें मंच तक पहुँचाते हैं. पाँव में हवाई चप्पल, साड़ी और शॉल ओढे इरानी मंच पर पहुँचती हैं. महिलाएँ उन्हें गुलाब का फूल देकर स्वागत कर रही हैं.
इरानी एक कुर्सी पर आकर बैठ जाती हैं. चेहरे पर थकान का भाव है. वो किसी से बहुत बात नहीं करती हैं. बीजेपी नेताओं का संबोधन जारी था लेकिन इरानी ने बीच में ही रोक अपने संबोधन के लिए कहा. इरानी भी भारत माता की जय के नारे लगवाती हैं.

15 मिनट के भाषण में इरानी ने भावनात्मक बातें ज़्यादा कीं. उनके प्रत्याशी का नाम रामकुमार है. इरानी ने कहा कि बहुत कम ही संयोग होता है कि राम आपसे आशीर्वाद माँगने आएं.
उन्होंने कहा, ''ये तो हमारा सौभाग्य है कि राम को आशीर्वाद देने का मौक़ा मिला है. क्या आपलोग राम को विधानसभा नहीं भेजेंगे? देखिए घर में लक्ष्मी आती है तो कमल के फूल पर ही आती है न कि केला या किसी और पर. इसलिए आप राम को विधानसभा भेजने के लिए कमर कस लें. अरे मैंने तो युवराज को हरा दिया आप अपने राम को कैसे नहीं जीता सकते.''
केला आजसू का चुनाव चिह्न है. इरानी ने इसी को लेकर निशाना साधा था. इरानी ने पीएम मोदी की तारीफ़ की, राम मंदिर की बात कही और और दावा किया कि हर घर में शौचालय बन गया है.
जब इरानी ऐसा कह रही थीं तो वहीं खड़े झारखंड पुलिस के एक जवान ने कहा ऐसा कुछ नहीं हुआ है. वो इरानी की सुरक्षा में खड़ा था और ओवरमांझी का रहने वाला था. उसने कहा कि अब भी लोग खुले में ही शौच कर रहे हैं और बिजली रहती ही नहीं है.
इरानी जब भाषण ख़त्म करने को हुईं तभी सामने खड़ा एक व्यक्ति ने कहा- दीदी और बोलिए. इरानी ने उसे व्यक्ति को जवाब देते हुए कहा, ''भैया हेलिकॉप्टर का पहिया घूम रहा है. हम तो काम करने वाले लोग हैं. काम ही करते रहते हैं.'' इतना कह इरानी ने अपना भाषण ख़त्म कर दिया और हेलिकॉप्टर धूल उड़ाते हुए लोगों को ऊपर से निकल गया.
बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












