नागरिकता संशोधन बिल मुग़लों के आक्रमण जैसा: आसू- प्रेस रिव्यू

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किए जाने की तुलना 17वीं शताब्दी में असम में मुग़लों के हमले से की है.

आसू ने कहा है कि ये राज्य के सामाजिक ताने पर हमला है और पूर्वोत्तर को जिसके लिए जाना जाता है, उसकी जानबूझकर अनदेखी है.

संगठन के जनरल सेक्रेटरी लुरिनज्योति गोगोई ने कहा, "सभी लोकतांत्रिक प्रदर्शनों को नकारते हुए केंद्र सरकार ने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया. ये दिखाता है कि दिल्ली के लिए पूर्वोत्तर में होने वाले लोकतांत्रिक आंदोलनों की ज़रा भी इज़्ज़त नहीं है. असम की जनता को इसका कड़ा जवाब देना ही होगा. इस विधेयक को पेश किया जना उसी तरह असम के सामाजिक ढांचे पर हमला है जैसे असम पर मुग़लों ने आक्रमण किया था."

इस बीच असम में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल असम गण परिषद में इस मुद्दे पर मतभेद पैदा हो गया है. राज्य सभा में इसके सांसद बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने पार्टी के फ़ैसले का विरोध किया है और राज्य सभा में इसके ख़िलाफ़ वोट करने की बात कही है.

मानव विकास सूचकांक में भारत

इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, यूएनडीपी मानव विकास सूचकांक रिपोर्ट में भारत ने एक अंक सुधार करते हुए 129वां स्थान हासिल किया है. 189 देशों में पहला स्थान नॉर्वे का है जबकि बुरुंडी सबसे नीचे है.

अमर उजाला की एक ख़बर के अनुसार, हिंदू महासभा ने मुस्लिम पक्ष को ज़मीन दिए जाने का विरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ ज़मीन देने के अपने आदेश पर फिर से विचार करने की अपील की गई है.

इसमें कहा गया है कि मुस्लिम पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा है कि विवादित ढांचा मस्जिद ही थी.

नवभारत टाइम्स के मुताबिक़, सोमवार को राष्ट्रपति भवन की ओर फीस वृद्धि के ख़िलाफ़ कूच करते जेएनयू के छात्रों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है.

पुलिस ने छात्रों को काबू करने के लिए तीन मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था. कुछ दिन पहले भी जेएनयू छात्रों के मार्च पर लाठी चार्ज की घटना हो चुकी है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, तेलंगाना हाईकोर्ट ने सोमवार को साइबराबाद पुलिस को निर्देश दिया है कि पिछले हफ़्ते एनकाउंटर में मारे गए गैंग रेप के चारों अभियुक्तों के शव को 13 दिसंबर तक सुरक्षित रखा जाए.

हाईकोर्ट ने सरकारी वकील से कहा कि क्या पुलिस ने फ़ायरिंग करते समय सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन किया था? साथ कोर्ट ने इस बारे में सबूत पेश करने को कहा. मंगलवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होने वाली है.

द हिंदू की एक ख़बर के अनुसार, बिहार में रेप का विरोध करने पर एक महिला को आग के हवाले करने की कोशिश की गई. अभियुक्त महिला के पड़ोसी थे. ये घटना मुज़फ़्फ़रपुर की है, अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

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