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शशि थरूर बोले, नागरिकता संशोधन बिल से जिन्ना के विचारों जीत होगी - प्रेस रिव्यू
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि अगर संसद में विवादित नागरिकता संशोधन बिल पास होता है तो ये महात्मा गांधी के विचारों पर जिन्ना के विचारों की जीत होगी.
हिंदू की एक ख़बर के अनुसार, शशि थरूर ने कहा है कि धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता प्रदान करना भारत को पाकिस्तान के हिंदुत्व संस्करण में तब्दील कर देगा.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार एक समुदाय को निशाना बनाना चाह रही है और इस समुदाय को शरण देने से इनकार कर रही है, जो अन्य समुदायों की तरह ही प्रताड़ना झेल रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए सक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अगर ये बिल दोनों सदनों में पास हो जाता है, इसके बावजूद उन्हें भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट की कोई भी पीठ संविधान के बुनियादी मूल्यों का उल्लंघन करने वाले ऐसे क़ानून को इजाज़त नहीं देगी.
उन्नाव पीड़िता का शव दफ़न
नवभारत टाइम्स की ख़बर के अनुसार, कड़ी सुरक्षा और लंबी खींचतान के बाद उन्नाव की रेप पीड़िता का शव रविवार को दफ़ना दिया गया.
प्रशासन ने परिवार को नौकरी और हथियार लाइसेंस का भरोसा दिया तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए.
पीड़िता के शव को गांव के बाहर खेत में उसी जगह दफन किया गया है, जहां उसके दादा दादी की मज़ारें हैं. इस पूरे मामले में थाना प्रभारी समेत सात पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया है.
इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के मुताबिक, सरकार ने जेएनयू छात्रों के साथ सुलह का संकेत देते हुए छात्र संघ को फिर से मान्यता देने और पुलिस में दर्ज मामले वापस लेने को विश्विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया है.
अगर विश्वविद्यालय प्रशासन सहमत होता है तो सरकार को लगता है कि जेएनयू के छात्र भी नरमी बरतते हुए अपना प्रदर्शन वापस ले लेंगे. बीते कई दिनों से जेएनयू के छात्र फ़ीस वृद्धि को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
'अर्थव्यवस्था में सुस्ती'
जनसत्ता में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय सुस्ती के चंगुल में फंसी है और इसमें बेचैनी और अस्वस्थता के गहरे संकेत दिखाई दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस समय अर्थव्यवस्था से जुड़े तमाम फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय से लिए जाते हैं और मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं हैं.
एक पत्रिका में प्रकाशित लेख में राजन ने सुस्ती से अर्थव्यस्था को बाहर निकालने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं. इसके लिए उन्होंने श्रम क़ानूनों में सुधार के सुझाव दिए हैं.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के मुताबिक़, देश में बढ़ती महिला हिंसा पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि पुलिस महिला सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतें. पुणे में पुलिस अधिकारियों एक सम्मेलन में मोदी ने कहा कि पुलिस को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिसमें महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें.
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पुलिस बल की छवि सुधारने की दिशा में काम करना चाहिए ताकि महिलाओं और बच्चों समेत समाज के सभी वर्ग में उनके प्रति भरोसा पैदा हो सके.
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