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कब- कब आग ने दिल्ली को झुलसाया
दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में रविवार सुबह में आग लगने की वजह से अब तक 43 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है.
ऐसा नहीं है कि देश की राजधानी में पहली बार आग लगने की बड़ी घटना हुई है. इससे पहले भी दिल्ली में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जिसमें कई लोग हताहत हुए हैं.
1. उपहार अग्निकांड
दक्षिण दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित उपहार सिनेमा में 'बॉर्डर' फिल्म देखने के दौरान लगी भीषण आग में 59 लोगों की जान चली गई थी. यह घटना 13 जून, 1997 को हुई थी.
इतना ही नहीं आग लगने की इस घटना में 100 से अधिक लोग घायल भी हो गए थे. इस घटना में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए थे.
सिनेमाघर के ट्रांसफॉर्मर रूम में शो के दौरान आग लग गई थी जो तेजी से हॉल के अन्य हिस्सों में फैल गई थी.
घटना की जांच के दौरान पता चला था कि सिनेमाघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे.
2. करोलबाग होटल में लगी आग
करोलबाग में गुरुद्वारा रोड स्थित होटल अर्पित पैलेस में 12 फरवरी 2019 को आग लग गई थी. आग लगने की इस घटना में करीब 17 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला लिया गया था.
आग लगने की इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया था.
शुरुआती जांच में सामने आया था कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट थी.
3. बवाना औद्योगिक क्षेत्र में हादसा
बाहरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 21 जनवरी 2018 को सेक्टर-5 स्थित एक पटाखा स्टोरेज यूनिट में भीषण आग लग गई थी. आग लगने की इस घटना में 17 लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे.
मारे गए लोगों में नौ महिलाएं और एक नाबालिग लड़की भी शामिल थी.
4. दिलशाद कॉलोनी में हादसा
दिल्ली के सीमापुरी इलाके में स्थित दिलशाद कॉलोनी में 7 जुलाई 2017 को आग लगने की घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी.
इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
जांच में सामने आया था कि यह आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी.
5. केमिकल फैक्टी में लगी आग
30 मई, 2018 को दिल्ली के मालवीय नगर में एक केमिकल फैक्ट्री में आग लग गई थी.
आग पहले केमिकल फैक्ट्री में आए ट्रक में लगी, फिर धीरे-धीरे इसकी चपेट में फ़ैक्ट्री आ गई, जहां रबर, ज्वलनशील केमिकल और कार्टन थे.
तापमान अधिक होने से आग तेज़ी से फैलती गई और कुछ घंटों बाद इसने बाउंड्री से सटे संत निरंकारी स्कूल को भी अपनी चपेट में ले लिया.
इस आग को काबू करने में दिल्ली दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी.
6. नंदनगरी में किन्नरों के आयोजन में हादसा
20 नवंबर 2011 को नंदनगरी ई-2 ब्लाक में गगन सिनेमा के पास स्थित एक सामुदायिक भवन में अखिल भारतीय किन्नर समाज सर्वधर्म सम्मेलन के दौरान पांडाल में आग लगने की घटना में कम से कम 14 किन्नरों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 40 किन्नर घायल हो गए थे.
दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग के मुताबिक, विभाग के पास वर्ष 2015-16 में आग लगने से जुड़ी हुई घटना की सूचना देने के लिए 27089 फोन आए. विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में आग लगने की घटना में 2099 लोग घायल हुए और 339 लोग मारे गए.
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