You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मुसलमानों का देश नहीं रहा भारतः महबूबा मुफ़्ती - प्रेस रिव्यू
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी सना इल्तजा जावेद ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर कैबिनेट की मुहर लगने पर नाराज़गी जाहिर की है.
जनसत्ता की ख़बर के अनुसार अपनी मां का ट्विटर अकाउंट चला रहीं सना मुफ़्ती ने कहा कि यह संकेत है कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार मुस्लिमों का देश नहीं रहा.
सना मुफ़्ती ने महबूबा के ट्विटर पन्ने पर लिखा - भारत - मुसलमानों का देश नहीं (India - No country for Muslims)
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले के बाद से ही महबूबा को हिरासत में रखा गया है.
नागरिकता संशोधन विधेयक को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी है. इस विधेयक को अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किया जा सकता है.
इस विधेयक में पड़ोसी देशों से शरण के लिए भारत आए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है.
गुजराल की सलाह मानी होती तो नहीं होते 84 के दंगेः मनमोहन सिंह
अमर उजाला की खबर के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों को रोका जा सकता था अगर तत्कालीन गृह मंत्री नरसिम्हा राव ने इंद्र कुमार गुजराल की सलाह मान ली होती.
वह बुधवार को दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल की 100 वीं जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.
डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, ''जब 84 के दंगे हुए तो वो गुजराल) उस वक्त के गृह मंत्री नरसिम्हा राव के पास उसी शाम को गए और उनसे कहा कि स्थिति बहुत नाज़ुक है सरकार जितनी जल्दी सेना को बुला ले उतना ही ठीक होगा. अगर वह सलाह मान ली गई होती तो 1984 में हुए नरसंहार को रोका जा सकता था''.
दिल्ली में मिलेगी फ्री वाई-फाई की सुविधा
दैनिक जागरण में छपी खबर के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को फ्री वाई-फाई की की घोषणा कर दी है.
केजरीवाल ने बताया कि 16 दिसंबर से दिल्ली में फ्री वाई-फाई की सुविधा मिलेगी. इस योजना की शुरुआत में 100 वाई-फाई हॉट स्पॉट लगाए जाएंगे.
अगले छह महीनों में इनकी संख्या बढ़ाकर 11 हजार तक की जाएगी. इस योजना पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों की हड़ताल
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच शिक्षकों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है.
ये हड़ताल विश्वविद्यालय प्रशासन के उस निर्देश के बाद बुलाई गई है जिसमें सभी कॉलेजों एड-हॉक शिक्षकों को हटाकर गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति करने का आदेश दिया गया है.
इस पत्र के जारी होने पर दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी डूटा ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया. लंबे समय से शिक्षक स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं.
बुधवार को अपनी मांगों को लेकर डीयू के हजारों शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय का गेट तोड़ा और घेराव करके रखा.
प्रशासन की ओर से 28 अगस्त को जारी हुए पत्र के खिलाफ़ डीयू के हजारों शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय का गेट तोड़ दिया और घेराव करके रखा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)