WhatsApp जासूसी मामला: व्हाट्सऐप ने कहा, मई में ही भारत सरकार को दी थी जानकारी-प्रेस रिव्यू

इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार व्हाट्सऐप का कहना है कि भारतीयों की जासूसी के बारे में मई में ही सरकार को बता दिया गया था.

इसके उलट भारत सरकार का कहना है कि मई में उसे व्हाट्सऐप से जो जानकारी मिली थी, उसकी भाषा बहुत 'मुश्किल और टेक्निकल' थी.

भारत सरकार ने ये भी कहा है कि व्हाट्सऐप ने ये कभी नहीं बताया कि भारतीयों की निजता का उल्लंघन हो रहा है.

भारत सरकार का कहना है कि मई महीने में व्हाट्सऐप ने सिर्फ़ 'कुछ तकनीकी गड़बड़ियों' की बात कही थी न कि प्राइवेसी से जुड़े ख़तरे की.

अख़बार ने ये बातें व्हाट्सऐप और सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखी हैं.

व्हाट्सऐप के मुताबिक़, इसराइल में बने स्पाईवेयर से दुनियाभर के जिन 1,400 लोगों को निशाना बनाया गया, उनमें भारतीय पत्रकार, लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं.

10 दिनों में सुप्रीम कोर्ट के चार बड़े फ़ैसले

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने उन चार बड़े मामलों की एक सूची प्रकाशित की है, जिन पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट आने वाले 10 दिनों में फ़ैसला सुना सकता है.

अख़बार लिखता है कि सर्वोच्च अदालत के ये चार फ़ैसले भारत के मौजूदा हालात में बड़े बदलाव ला सकते हैं.

ये चार मामले हैं:

1- अयोध्या का बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि विवाद

2- केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश का मामला

3- रफ़ाल डील मामले में केंद्र सरकार को क्लीन चिट मिलने का मुद्दा

4- मुख्य न्यायाधीश (CJI) के दफ़्तर को आरटीआई (सूचना के अधिकार) के दायरे में लाने की मांग

भारतीय सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले सुप्रीम कोर्ट इन महत्वपूर्ण मामलों पर अपना फ़ैसला सुना देगा.

मेघालय जाने से पहले देनी होगी जानकारी

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में ख़बर है कि आने वाले दिनों में भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की यात्रा करने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

मेघालय विधानसभा में शुक्रवार को इससे सम्बन्धित एक अध्यादेश पेश किया गया.

इस अध्यादेश के अनुसार राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति अगर मेघालय आना चाहता है और वहां 24 घंटे से ज़्यादा रुकना चाहता है तो उसे इसकी अग्रिम सूचना देनी होगी.

इतना ही नहीं, मेघालय में 24 घंटे से ज़्यादा रुकने के लिए पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

हालांकि केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी इस नियम का पालन करने के लिए बाध्य नहीं होंगे.

मेघालय, केंद्र सरकार के नागिरकता विधेयक में संशोधन का विरोध करने वाला पहला राज्य भी है.

दिल्ली के अख़बारों में छाया दिल्ली का प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की ख़बर को सभी अख़बारों ने पहले पन्ने पर प्रमुखता से जगह दी है.

अमर उजाला ने लिखा है- सांसों पर संकट, ख़तरनाक हुई हवा

अख़बार ने पहले पन्ने पर मुंह पर मास्क लगाए छोटे स्कूली बच्चों की तस्वीर छापी है और लिखा है: क्या हम ऐसा बचपन चाहते हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स ने शीर्षक दिया है: EMERGENCY IN THE AIR

इसके साथ ही अख़बार ने फ़्रंट पेज पर दिल्ली की चार-चार अलग जगहों की तस्वीर छापी है: इंडिया गेट, सिग्नेचर ब्रिज, हुमायूं का मक़बरा और कनॉट प्लेस.

ये चारों जगहें धुंध में लिपटी दिख रही हैं.

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत ज़्यादा बढ़ जाने की वजह से पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है.

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