विश्व बैंक: रैंकिंग में भारत बेहतर, क्या है पाकिस्तान का हाल

कारोबार करने में आसानी यानी 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' की रैंकिंग में भारत ने 14 स्थान की छलांग लगाई है.

वहीं पाकिस्तान ने विश्व बैंक की 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' रैंकिंग में भारत से दोगुनी छलांग लगाई है. पाकिस्तान पिछले साल इस रैंकिंग में 136वें नंबर पर था और इस साल 28 स्थान की छलांग लगाकर 108वें नंबर पर आ गया है.

इमरान ख़ान की सरकार बनने के बाद से पाकिस्तान में कई तरह के आर्थिक सुधार किए गए हैं और इसका असर इस रैंकिंग में भी साफ़ दिखा.

हालांकि दक्षिण एशिया में भारत इस रैंकिंग में 63वें स्थान के साथ शीर्ष पर है.

इस मामले में 190 देशों की विश्व बैंक की रैंकिंग में भारत अब 63वें नंबर पर आ गया है. कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार में हुए आर्थिक सुधारों के कारण भारत की स्थिति सुधरी है.

हालांकि सरकार का लक्ष्य इस रैंकिंग में 50 के भीतर आने का था. 2018 में भारत 77वें नंबर पर था. 2017 में भी भारत का प्रदर्शन सकारात्मक रहा था और यह 30 पायदान चढ़कर 100वें नंबर पर आया था.

विश्व बैंक की इस रैंकिंग में न्यूज़ीलैंड पहले, सिंगापुर दूसरे, हॉन्ग कॉन्ग तीसरे और डेनमार्क चौथे नंबर पर है.

'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' के मायने

कारोबारी सुगमता यानी ये जानना कि किसी देश में कारोबार शुरू करना कितना आसान या मुश्किल है. मसलन, कारोबार शुरू करने में कितना समय लगता है, कोई बिल्डिंग बनानी है तो उसकी इजाज़त लेने में कितना वक़्त लगता है. विश्व बैंक ने अपने सर्वे में कहा है कि भारत ने कई आर्थिक मोर्चों पर सुधार किया है.

यह आकलन 10 संकेतकों के आधार पर किया गया है और रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने इन 10 संकेतकों में से 8 में सुधार किए हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने अल्पसंख्यक निवेशकों की सुरक्षा, ऋण और बिजली की उपलब्धता के क्षेत्र में अच्छा प्रदशर्न किया है. पिछले साल भी भारत की रैंकिंग सुधरी थी तो तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था, "दिवालियेपन के मामले में हम 136 रैंक के बाद सीधे 33 अंक ऊपर जाकर 103 पर पहुंच गए हैं. कर भुगतान में हम 119 से 53 पर पहुंच गए हैं. भारत सरकार लगातार कुछ मसलों पर सुधार की दिशा में काम कर रही है."

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