जनरल बिपिन रावत का दावा, 'जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 6-10 सैनिक मारे गए'

भारतीय सेना की तरफ़ से एक बयान जारी कर कहा गया है कि पाकिस्तान ने बिना कोई उकसावे के आम लोगों पर गोलीबारी की है. सेना के मुताबिक़ गुंडीशत गाँव और तंगधार में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में एक व्यक्ति और तीन जवानों की मौत हुई है जबकि तीन लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

बयान में कहा गया है कि इस गोलीबारी में हवलदार पदम बहादुर श्रेष्ठ और राइफ़लमैन गामिल कुमार श्रेष्ठ की मौत हुई है.

वहीं, 55 साल के मोहम्मद सादिक़ नामक एक आम नागरिक की भी मौत हुई है. इसके अलावा 70 साल के मोहम्मद मक़बूल, 50 साल के मोहम्मद शफ़ी और 22 साल के युसूफ़ हामिद ज़ख़्मी हुए हैं.

भारतीय सेना की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने युद्धविराम उल्लंघन भारतीय इलाक़े में आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए किया था.

इसके जवाब में भारतीय सेना ने बदले की कार्रवाई करते हुए चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाया. भारत के थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने मीडिया को बताया है कि इस कार्रवाई में पाकिस्तान के कम से कम छह से दस सैनिक मारे गए हैं. जबकि उनके तीन कैंप तबाह हो गए हैं.

बिपिन रावत के मुताबिक़ इस कार्रवाई में पाकिस्तान सीमा में छह से 10 चरमपंथी भी मारे गए हैं.

उधर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने भारत पर अकारण युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. ग़फ़ूर ने ट्वीट कर कहा, ''भारत ने बिना कोई उकसावे के जुरा, शाहकोट और नौशेरी सेक्टर में युद्धविराम का उल्लंघन कर नागरिकों को निशाना बनाया है.

हमने इसका मुँहतोड़ जवाब दिया. भारतीय सेना के नौ जवान मारे गए और कई जख़्मी हुए हैं. दो भारतीय बंकर भी नष्ट कर दिए गए हैं. दोनों तरफ़ से गोलीबारी में एक पाकिस्तानी सेना और तीन आम लोगों की जान गई है और सेना के दो जवान के साथ पाँच आम लोग घायल हुए हैं.

इस पूरे मसले पर बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी ने पाकिस्तान प्रशासित इलाके में मौजूद हमारे सहयोगी मिर्ज़ा औरंगज़ेब जर्राल और भारत प्रशासित कश्मीर संवाददाता रियाज़ मसरूर से बातचीत की.

भारत प्रशासित कश्मीर का हाल

कुपवाड़ा के दो बॉर्डर सेक्टर टिटवाल और तंगधार बहुत ही संवेदनशील हैं. इसमें तंगधार ब्लॉक में गोलाबारी की घटना घटी है.

स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार आज सुबह पांच बजे तक लगातार गोलीबारी होती रही और बड़े हथियार से गोले फेंके गए. ये गोले टिटवाल के विभिन्न इलाकों में गिरे जिसमें पशु भी मारे गए हैं.

गोलाबारी में 55 वर्षीय एक नागरिक मोहम्मद सादिक की मौत हो गई. सादिक के बेटे की सोमवार को शादी होने वाली थी.

गोलाबारी में सात मकान जलकर राख हो गए हैं और तीन नागरिक घायल हैं. भारतीय सेना का कहना है कि पाकिस्तानी गोलाबारी में 39 ग्रिनेडियर के सैनिक मारे गए और तीन घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कुपवाड़ा ज़िले के अन्तर्गत आने वाले करना तहसील में रहने वाले लोग भयभीत हैं और तनाव में हैं. साथ ही यहां से गाड़ी वाले कई अमीर लोगों ने पलायन भी किया है. हालांकि ग़रीब लोग यहीं हैं.

प्रशासन ने लोगों के लिए जम्मू के सांबा और हीरानगर सेक्टरों में बंकर बना दिए गए हैं. हालांकि, यहां पर इस तरह का बंकर नहीं है. ऐसे में जब कभी भी गोलाबारी होती है तब उन्हें या तो पहाड़ों में छुपना होता है या घरों में खुद से बनाए गए खंदकों में उन्हें छुपना पड़ता है.

कई सालों के बाद पहली बार इस तरह की गोलाबारी हुई है जिसके कारण बड़े पैमाने पर लोग भयभीत हैं.

नियंत्रण रेखा की कुल लंबाई 740 किलोमीटर और चौड़ाई 34 किलोमीटर है. यह मैप पर खिंची गई कोई लकीर नहीं है. सीमा के आसपास लाखों लोग रहते हैं और संयुक्त राष्ट्र की कई रिपोर्ट में इसे दुनिया की सबसे खतरनाक सरहद भी कहा गया है.

यहां अलग- अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रहन-सहन होता है. टिटवाल और तंगधार सेक्टरों के बाद जो दरिया आती है उसे नीलम कहते हैं. हालांकि, नीलम झेलम का ही हिस्सा है. इसलिए उस पार के क्षेत्र को यहां के लोग नीलम वेली कहते हैं.

टिटवाल में तो एक जगह ऐसी भी है जहां इसी नदी पर एक रस्सी बंधी हुई है. 1947 में जो लोग इस तरफ या उस तरफ रह गए थे वो लोग एक दूसरे से संपर्क बनाने के लिए चिट्ठी लिखते हैं और इस रस्सी पर बांध कर भेजते हैं.

इन सभी इलाकों में जो घर हैं वह पुख्ता ईंट या पत्थरों के नहीं हैं बल्कि लकड़ियों के हैं. और उन पर घास होती है.

वहां के एक नागरिक मोहम्मद सईद ने बताया कि गोलाबारी में काफ़ी सारे मकान भी जल गए क्योंकि वे सब लकड़ी के मकान हैं जिस पर घास की छत है. उस पर एक भी गोली लगती है तो आग लग जाती है. इस बार को बहुत ज्यादा शेलिंग हुई है और वह भी बड़े हथियार से हुई है. ऐसे में भारी नुकसान हुआ है.

तंगधार सेक्टर श्रीनगर से सबसे दूर इलाका है. सर्दियों में छह महीने के लिए वहां का रास्ता ही बंद हो जाता है. ऐसे में उन लोगों को कहना है कि बंकर बना दिए जाएं. वहां 50 हजार के करीब आबादी रहती है. इनमें से 30 से 40 गांव ऐसे हैं जो बिल्कुल नियंत्रण रेखा के करीब है.

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी तनाव होता है और गोलाबारी होती है तो सबसे पहले उसका शिकार इन गांव में रहने वाले लोग होते हैं.

पाक प्रशासित कश्मीर का हाल?

चिनयाना सेक्टर में शनिवार रात में करीब आठ बजे के करीब भारत की ओर से होने वाले शेलिंग की आवाजें सुनाई देनी शुरू हुई.

स्थानीय लोगों ने बताया कि इसके बाद इसमें धीरे- धीरे इज़ाफ़ा होते गया और इसमें कमी नहीं आई. नशेरी में नीलम झेलम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का डैम है और यहां बहुत आबादी है.

27 या 29 अगस्त को करीब यहां फ़ायरिंग हुई थी और उसके बाद यहां सीज़ फ़ायरिंग हुई थी. उस घटना के बाद शनिवार रात में फ़ायरिंग हुई है.

लोगों ने बताया कि गोलाबारी के दौरान वे महफ़ूज़ टनल में जाते हैं. गोलाबारी होने के कारण लोग टनल साइट की ओर जाने लगे. टनल की ओर जाने के दौरान गोलाबारी में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई और तीन लोग जख़्मी हो गए.

एक व्यक्ति ने बताया कि उनके वालिद और भाई की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि हम और हमारा पूरा परिवार टनल में जा रहे थे. उसी दौरान हमारे करीब गोला फटा जिसमें तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और तीन अन्य लोग जख़्मी हो गए.

उन्होंने बताया कि इसके बाद गोलाबारी तेज़ हो गई. बड़ी मुश्किल से हमने बचाव किया और टनल में पहुंचे. सारी रात हम शव लेकर टनल में रहे. सुबह चार बजे तक गोलाबारी जारी रही.

बताया गया है कि पाकिस्तान की ओर से भी गोलाबारी पर जवाबी कार्रवाई की गई.

नशेरी से आगे पनकोट के इलाके के लोगों ने बातचीत में बताया कि भारतीय गोलाबारी के गोले यहां भी पहुंचे हैं. इसके अलावा तंगधार के बिल्कुल सामने आने वाले जूरा में भी गोलाबारी का असर हुआ है और वहां पर एक दुकानदार की मौत हो गई है जबकि पंचकोट में एक सड़क पर काम कर रहे दो लोगों की मौत हुई है जो मजदूर थे. अलग अलग इलाकों में करीब आठ लोगों के जख़्मी होने की भी ख़बर है.

लोग नशेरी से ऊपर चिनयाना सेक्टर की ओर गए जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है. वहां शवों का जनाजा निकाला गया.

वहां पर लोगों में असुरक्षित होने का भाव था.

लोगों ने बातचीत में भारत के ख़िलाफ़ काफ़ी ज़ज्बात दिखाया. लोगों ने कहा कि देखिए, यह दो देशों के बीच जंग है और उसमें आम लोग पिस रहे हैं.

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