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मोदी ने जिनपिंग से कहा, मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक बातचीत का दूसरा दिन शनिवार को शुरू हुआ.
दोनों नेताओं ने तमिलनाडु के महाबलीपुरम (मामल्लापुरम) में एक दूसरे से मुलाक़ात की.
पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कोव रिजॉर्ट में करीब 40 मिनट तक अनौपचारिक बातचीत हुई. इसके बाद दोनों देशों में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई.
चीनी राष्ट्रपति के साथ विदेश मंत्री वांग यी और स्टेट काउंसलर यांग जिएची सहित 100 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आया है.
जबकि भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इस अनौपचारिक बैठक का हिस्सा बने हैं.
दोनों नेताओं ने क्या कहा
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा, ''21वीं शताब्दी में भारत और चीन साथ-साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहे हैं. हमने तय किया था कि हम मतभेद को मिटाएंगे और कोई विवाद उत्पन्न नहीं होने देंगे. चेन्नई समिट में हमारे बीच वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई. इसके ज़रिए दोनों देशों के बीच सहयोग का एक नया दौर शुरू होगा.''
वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तमिलनाडु में हुए स्वागत पर खुशी जताई और कहा, ''तमिलनाडु में हुए स्वागत से काफ़ी खुश हूं. भारत का यह दौरा हमेशा यादगार रहेगा. मेरे इस दौरे से भारत और चीन के बीच भावनात्मक जुड़ाव काफ़ी गहरा हुआ है. कल और आज हमारे बीच काफ़ी अच्छी बातचीत हुई. हमने एक दूसरे से दोस्त की तरह बात की.''
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विजय गोखले ने बताया था कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और निवेश संबंधी मामलों पर चर्चा की होने की बात कही थी.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शुक्रवार शाम को भारत पहुंचे थे. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में उनका स्वागत किया था.
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