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'असलम भाई' के नाम पर दुर्गा पूजा रुकवाने का सच: फैक्ट चेक
- Author, फ़ैक्ट चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
सोशल मीडिया पर दुर्गा पूजा पंडाल में रुकावट डालते एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हो गया है.
वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ''ये व्यक्ति दुर्गा पूजा पंडाल में घुसकर भजन बंद करवाता है और लोगों को कहता है कि यहां पर मोदी नहीं आएगा, कॉलोनी में रहना है तो असलम भाई कहना है.''
37 सेकंड के इस वीडियो में दिखाई देता है कि नीले रंग की जीन्स ,शर्ट और टोपी पहने एक व्यक्ति अपने एक साथी के साथ दुर्गा पूजा पंडाल की तरफ बढ़ता है और पंडाल में मौजूद लोगों से संगीत बंद करने के लिए कहता है. इसके बाद नीले कपड़े पहना ये व्यक्ति वहां मौजूद लोगों से कहता है कि ''मालोनी में रहना है तो असलम भाई कहना है. यहाँ मोदी जी नहीं आएंगे, असलम भाई ही आएंगे.''
वायरल हो रहे इस वीडियो को मुंबई के मलाड का बताया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को अभी तक 50 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका हैं और 25 हज़ार बार शेयर किया गया है.
सोशल मीडिया के साथ-साथ स्वराज्य नाम की एक न्यूज़ वेबसाइट ने भी इस ख़बर को छापा है.
बीबीसी के पाठकों ने भी वॉट्सऐप के ज़रिये हमे ये वीडियो भेजा है और इसकी सच्चाई जाननी चाही है.
बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा ये वीडियो को ग़लत और भ्रामक संदेश के साथ फैलाया जा रहा है.
वीडियो की सच्चाई
रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि वीडियो में दुर्गा पूजा पंडाल में व्यवधान डालते दिख रहे शख़्स का फ़ेसबुक पर नाम 'आशीष सिंह' है.
उनकी फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर वायरल हो रहे वीडियो को भी देखा जा सकता है जिसे उन्होंने 8 अक्तूबर 2019 को शाम साढ़े सात बजे पोस्ट किया था.
उनकी फ़ेसबुक प्रोफइल के अनुसार आशीष एक जिम के मालिक है और साथ में युवा एकता सामाजिक संस्था के उपाध्यक्ष है.
बीबीसी ने जब आशीष से संपर्क किया तो उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनका नाम आशीष सिंह है और सोशल वीडियो पर वायरल हो रहा उनका वीडियो मलाड के मालोनी इलाक़े का है.
आशीष ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''मैं ख़ुद एक हिंदू हूँ और वीडियो को केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया था. मेरे वीडियो को कुछ लोग ग़लत संदेश के साथ फैला रहे है जिससे सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा जा सके."
आशीष आगे बताते हैं कि वीडियो में वो जिस व्यक्ति के साथ पंडाल में जाते हैं, उनका नाम नदीम शेख़ है और जिस दूसरे व्यक्ति से वो 'असलम भाई' का नाम लेने के लिए कहते हैं, उनका नाम रविशंकर दुबे है.
आशीष ने कहा कि वीडियो के वायरल हो जाने के बाद उन्होंने और रवि ने एक और वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था जिसमें उन्होंने लोगो से अपील की थी कि वो उनका दुर्गा पूजा पंडाल वाला वीडियो ग़लत तरीक़े से शेयर ना करें.
इसके बाद उन्होंने 10 अक्तूबर को मालवानी पुलिस स्टेशन में इस संदर्भ में एक शिकायत भी दर्ज कराई थी.
जिसमें उन्होंने लिखा है- मनोरंजन और दोस्ती में बनाई गई उनके एक वीडियो को कुछ लोगों की ओर से महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनज़र ग़लत संदेश के साथ फैलाया जा रहा है जिससे चुनावों में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ा जा सके.
कौन है मलाड के 'असलम भाई'?
आशीष ने बताया कि असलम शेख़ पश्चिम मलाड से कांग्रेस के मौजूदा विधायक हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस के टिकट पर मलाड से चुनाव लड़ रहे हैं.
पुलिस को दिए गए बयान में भी आशीष ने असलम शेख़ का ज़िक्र करते हुए कहा था कि उनके वीडियो को क्षेत्र के मौजूदा विधायक असलम शेख़ के ख़िलाफ़ भी ग़लत तरीक़े से प्रसारित किया जा रहा है जबकि विधायक असलम शेख़ का इस वीडियो से किसी तरह का कोई संबंध नहीं है.
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