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लेबर पार्टी, ओआईसी और तुर्की ने उठाया कश्मीर का मुद्दा
ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने कश्मीर पर बुधवार को एक आपात प्रस्ताव पारित करते हुए पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन से अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को क्षेत्र में 'जाने' देने और वहां के लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार की मांग करने के लिए कहा है.
भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसकी आलोचना करते हुए इसे 'ग़लत विचार पर आधारित' और 'भ्रामक जानकारी' देने वाला बताया.
इस बीच, भारत ने कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग करने वाली ब्रिटेन की लेबर पार्टी के प्रस्ताव की आलोचना की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने लेबर पार्टी के क़दम को 'वोट बैंक हितों को साधने' वाला बताया.
ओआईसी ने क्या कहा?
इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) ने भारत से कश्मीर में अपनी कार्रवाई बंद करने के लिए कहा है.
मुस्लिम देशों के एक संगठन, इस्लामी सहयोग संगठन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र से इतर एक बैठक के दौरान कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की.
ओआईसी ने भारत से कश्मीर में अपनी कार्रवाई बंद करने और नई दिल्ली के जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के निर्णय के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा प्रस्तावों का पालन करने का अनुरोध किया.
कश्मीर पर इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) कांटैक्ट ग्रुप के विदेश मंत्रियों ने एक बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर से भारत सरकार के अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने पर चर्चा की. यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र से इतर बुधवार को आयोजित की गई.
संगठन ने बाद में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति पर चिंता व्यक्त की.
उन्होंने कश्मीर में संचार पर लगे प्रतिबंधों पर भी चर्चा की.
इस समय, ओआईसी में 57 देश शामिल हैं.
तुर्की ने क्या कहा?
इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए विवाद का समाधान करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत करने की अपील की.
अब तक तुर्की एकमात्र देश है जिसने यूएनजीए में कश्मीर का मुद्दा उठाया है. यह पहली बार नहीं है जब तुर्की ने कश्मीर पर कुछ कहा है. इससे पहले छह अगस्त को तुर्की के विदेश मंत्री ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि इससे "मौजूदा तनाव और बढ़ सकता है."
रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कश्मीर संघर्ष पर पर्याप्त ध्यान देने में विफल रहा है जहां 72 साल से समाधान नहीं हो सका है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने महासभा में कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन को मंगलवार को धन्यवाद दिया.
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