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PMC बैंक पर रिज़र्व बैंक की सख़्ती
भारतीय रिज़र्व बैंक ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ओपरेटिव (पीएमसी) बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. रिज़र्व बैंक के निर्देश के मुताबिक़ अब इस बैंक के खाताधारक अपने अकाउंट से सिर्फ़ एक हज़ार रुपये ही निकाल सकते हैं.
इस आदेश के बाद पीएमसी बैंक के खाताधारी और यहां रक़म जमा करने वाले लोग परेशान हैं और विरोध ज़ाहिर कर रहे हैं. इस बीच बैंक के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर ने एक बयान में अव्यवस्था की ज़िम्मेदारी लेते हुए इसे दुरुस्त करने का भरोसा दिया है.
क्या है आदेश?
रिज़र्व बैंक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के सेक्शन 35ए के तहत "इस बैंक में राशि जमा करने वालों को अपने सेविंग या करेंट अकाउंट या फिर किसी अन्य प्रकार की जमा राशि से एक हज़ार रुपये से अधिक की निकासी की इजाज़त नहीं होगी. "
ये आदेश अगले छह महीने तक लागू रहेंगे. रिज़र्व बैंक के आदेश को लेकर बैंक में खाता रखने वालों के बीच अफ़रातफ़री की स्थिति बन गई है.
क्यों हुई कार्रवाई?
रिज़र्व बैंक ने ये भी कहा है कि बिना उसकी लिखित अनुमति के पीएमसी बैंक फिक्स डिपॉज़िट नहीं कर सकता है और न ही क़र्ज़ दे सकता है. रिज़र्व बैंक ने पीएमसी बैंक के नया निवेश करने या क़र्ज़ देने पर भी रोक लगा दी है.
रिज़र्व बैंक ने ये कार्रवाई पीएमसी बैंक की अनमियतताओं की वजह से की है. लेकिन रिज़र्व बैंक ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ओपरेटिव बैंक का लाइसेंस वापस नहीं लिया है. अगले छह महीने के दौरान बैंक सीमित व्यवसाय ही कर सकेगा.
रिज़र्व बैंक की ओर से पीएमसी बैंक को दिए गए निर्देश की जानकारी सभी खाताधारियों को दी जाएगी. ये सूचना बैंक की हर ब्रांच और वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी.
निदेशक का बयान
पीएमसी बैंक के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर जॉय थॉमस ने एक बयान जारी किया है और अव्यवस्था की ज़िम्मेदारी ली है.
थॉमस ने कहा है, "बैंक का एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर होने के नाते मैं इस सबकी पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं और खाताधारकों को आश्वस्त करता हूं कि छह महीने के दौरान काम की अनियमितताओं को दूर कर लिया जाएगा. "
पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ओपरेटिव बैंक की स्थापना साल 1984 में हुई थी. इस बैंक की छह राज्यों में 137 शाखाएं हैं. बैंक की जमापूंजी 11617 करोड़ है और इसने 8383 करोड़ के क़र्ज़ दिए हुए हैं.
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