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हर कश्मीरी पत्थरबाज़ या आतंकी नहीं: इल्तिजा मुफ़्ती- पांच बड़ी ख़बरें
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्त़ी ने अपनी मां और अन्य नेताओं को 'एहतियातन' हिरासत में रखने को लेकर केंद्र सरकार पर तल्ख़ टिप्पणी की है.
इल्तिजा ने एक कार्यक्रम में कहा कि यह धारणा बनाना ग़लत है कि हर कश्मीरी पत्थरबाज़ या आतंकवादी है. उन्होंने कहा, "हर कश्मीरी पत्थरबाज़ नहीं है. हम भी दूसरों की तरह आकांक्षाएं रखते हैं."
इल्तिजा ने इस तरह के दावों का भी खंडन किया कि कश्मीर में इतने साल तक राजनीतिक वंशवाद ने नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा, ''सरकार कुछ वंशों द्वारा कश्मीर को बर्बाद करने के विमर्श को शुरू कराती है क्योंकि इससे उसका मक़सद हल होता है.''
कश्मीर में महबूबा मुफ्ती के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों और नेशनल कान्फ्रेंस के नेताओं फारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला समेत अन्य नेता भी हिरासत में हैं. पिछले महीने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किये जाने के बाद उन्हें नज़रबंद किया गया था.
पीड़िता ने लगाया मामले को कमज़ोर करने का आरोप
क़ानून की छात्रा से कथित दुष्कर्म के अभियुक्त चिन्मयानंद को एसआईटी की एक टीम ने उनके आश्रम से गिरफ़्तार कर लिया. जिसके बाद उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.
सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सुरक्षित बैरक में रखा गया है. लेकिन दूसरी ओर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि चिन्मयानंद को मर्सिडीज में बैठाकर जेल भेजा गया है.
उसने कहा,"मैं खुश नहीं हूं और मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है कि यह सब क्या हो रहा है."
पीटीआई ने पीड़िता के हवाले से लिखा है "मेरे साथ बलात्कार हुआ है. ऐसे में जिस दिन मैं एसआईटी के पास बयान देने गई थी, उसी दिन मैंने कहा था कि मेरे साथ चिन्मयानंद ने बलात्कार किया है फिर धारा-376 क्यों नहीं लगाई गई. यह केवल औपचारिकता की गई है. जिस लड़की के साथ बलात्कार हुआ, उसे न्याय नहीं दिया जा रहा है बल्कि चिन्मयानंद को मर्सिडीज में बैठाकर जेल भेजा जा रहा है."
इमरान ख़ान कर सकते हैं ट्रंप से मुलाक़ात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान 23 सितंबर को अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं. यह मुलाक़ात न्यूयॉर्क में यूएन असेंबली मीटिंग से इतर होने की संभावना है.
पाकिस्तान के अख़बार डॉन के हवाले से पीटीआई ने ख़बर दी है कि संयुक्त राष्ट्र की बैठक के बाद दोनों देश के नेताओं के बीच दो बार मुलाक़ात का कार्यक्रम है और यह पहली मुलाक़ात होगी.
यह मुलाक़ात ज़्यादा ख़ास इसलिए है क्योंकि उससे ठीक एक दिन पहले यानी 22 सितंबर को ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाउडी मोदी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. जिसमें क़रीब 50 हज़ार से ज़्यादा प्रवासी भारतीयों के जुटने की उम्मीद है. यह कार्यक्रम ह्यूस्टन में आयोजित हो रहा है. हालांकि इमरान ख़ान रविवार को ही अमरीका पहुंच जाएंगे जिस वक़्त ट्रंप, मोदी के साथ होंगे.
इमरान ख़ान और मोदी दोनों ही 27 सितंबर को यूएन जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे.
चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के मिलने की उम्मीद लगभग ख़त्म
भारत के मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर से संपर्क की उम्मीद लगभग ख़त्म सी होती नज़र आ रही है.
चंद्रयान-2 के लैंडर 'विक्रम' से सपंर्क की सभी संभावनाएं अब लगभग इसलिए ख़म हो गई हैं क्योंकि लैंडर 14 दिन तक काम कर सकता था. यानी लैंडर का जीवन 14 दिन का ही था. 7 सितंबर को देर रात करीब डेढ़ बजे लैंडर की 'सॉफ्ट लैंडिंग' होनी थी लेकिन यह कोशिश पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सकी.
हालांकि इस बीच इसरो ने कई बार बयान जारी करते हुए कहा था कि वे लैंडर से दोबारा संपर्क साधने की हर कोशिश कर रहे हैं लेकिन ये बात उसी दिन से स्पष्ट थी कि यह एक बहुत ही मुश्किल काम है.
जिस समय विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह पर पहुंचने से केवल 2.1 किलोमीटर की दूरी पर ही था तभी उसका संपर्क ग्राउंड स्टेशन से टूट गया था.
सऊदी अरब में तैनात होंगे अमरीकी सैनिक, मिसाइल
अमरीका ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में अपने सैनिकों और मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम की तैनाती का फ़ैसला किया है. अमरीका का कहना है कि हाल ही में सऊदी अरब की तेल रिफ़ाइनरी पर हुए हमलों के बाद यह क़दम उठाया जा रहा है.
अमरीका इन हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार बता रहा है जबकि ईरान का कहना है कि इनमें उसकी कोई भूमिका नहीं है. अमरीकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा है कि यह क़दम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया जा रहा है.