तबरेज़ अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में फिर से लगी दफ़ा 302

    • Author, रवि प्रकाश
    • पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए

बहुचर्चित तबरेज़ अंसारी मॉब लिंचिंग मामले में झारखंड पुलिस ने अभियुक्तों के ख़िलाफ़ फिर से दफ़ा-302 के तहत कार्यवाही की अपील की है.

सरायकेला खरसांवा की जिला अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल कर पुलिस ने कहा है कि इस मामले में उन्हें अब अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की दफा-302 के तहत इरादतन हत्या का मुक़दमा चलाने लायक साक्ष्य मिल गए हैं.

झारखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और प्रवक्ता मुराली लाल मीणा ने बीबीसी से बातचीत में इसकी पुष्टि की.

उन्होंने बताया कि इस बारे में एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है. उसमें उन सारी बातों का उल्लेख है, जिसकी वजह से फिर से दफ़ा 302 लगाई गई है. उन्होंने कहा कि इस मामले के सभी 13 अभियुक्त अब इरादतन हत्या के आरोपों के तहत न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे.

क्या है विज्ञप्ति में?

झारखंड पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "पूर्व में समर्पित आरोप पत्र के समय पुलिस को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण विसरा जांच हेतु सुरक्षित रखा गया था. एफ़एसएल से विसरा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर चिकित्सकों द्वारा तबरेज़ अंसारी की मृत्यु का करण हृदय गति रुकना बताया गया था. परंतु इसमें इसका कारण स्पष्ट नहीं था."

"न्यायहित एवं केस के सफल अभियोजन हेतु पुलिस ने एमजीएम मेडिकल कालेज के वरिष्ठ चिकित्सकों के बोर्ड से मौत के स्पष्ट कारणों की मांग की थी. वहां के विषेशज्ञ चिकित्सकों से मिली रिपोर्ट के बाद हमें अतिरिक्त साक्ष्यों की प्राप्ति हुई. इस आधार पर पूरक चार्जशीट दाख़िल कर हमने सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ दफ़ा-302 के तहत कार्यवाही का अनुरोध किया है. इस केस का अनुसंधान भी जारी था."

"इस घटना के वायरल वीडियो की इंटिग्रिटी जांच रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हो गई है. पुलिस द्वार जब्त वीडियो की इंटिग्रिटी में कोई छेड़छाड़ नहीं पाया गया है."

विज्ञप्ति में यह भी लिखा है, "इस मामले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी 72 घंटे अंदर कर ली गई थी. अच्छे अनुसंधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्य संकलन पर विशेष ध्यान दिया गया है."

डॉक्टरी रिपोर्ट

पुलिस को सौंपी अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञ डाक्टरों ने कहा है तबरेज़ अंसारी के कार्डियक अरेस्ट की वजह उनकी हड्डियों की टूट, अंगों का काम करना बंद होना और हार्ट चैंबर में खून का भर जाना है. यह उन्हें बुरी तरह पीटे जाने के कारण हुआ है.

आत्महत्या की धमकी

ग़ौरतलब है कि तबरेज़ अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने दो दिन पहले सरायकेला खरसांवा के डीसी और एसपी से मिलने के बाद कहा था कि अगर उनके शौहर की हत्या के अभियुक्तों के ख़िलाफ़ फिर से दफ़ा-302 नहीं लगायी गई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी और यह हड़ताल उनकी जान जाने तक जारी रहेगी.

इससे पहले दिल्ली में झारखंड भवन के सामने हुए प्रदर्शन में सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झारखंड पुलिस और सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की थी.

उनका आरोप था कि तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग के अभियुक्तों को बचाने के लिए पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ इरादतन हत्या (दफ़ा-302) के बजाय गैर इरादतन हत्या (दफा-304) की चार्जशीट की है. इससे न्याय प्रभावित होगा. ऐसी ही बात परवेज़ अंसारी के परिवारवालों ने कही थी.

इंसाफ की उम्मीद

तबरेज़ अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन को अब इंसाफ की उम्मीद है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे पता चला है कि पुलिस ने मेरे शौहर के क़ातिलों के ख़िलाफ़ फिर से दफ़ा- 302 लगा दी है. मैं इसके लिए उनकी शुक्रगुजार हूं."

उन्होंने कहा, "मेरा पुलिस से भरोसा टूट गया था, क्योंकि उन लोगों ने कातिलों के ख़िलाफ़ दफ़ा-304 की चार्जशीट की थी. अब इंसाफ की फिर से उम्मीद जगी है. अब लगता है कि मुझे और मेरे शौहर की रूह को इंसाफ मिलेगा."

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