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सुप्रीम कोर्ट के जज बोले- हल्का हो राजद्रोह का क़ानून: प्रेस रिव्यू
सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने कहा है कि राजद्रोह के क़ानून की समीक्षा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि आईपीसी की धाराओं के प्रावधान कई बार उनके ख़िलाफ़ इस्तेमाल किए गए हैं जो सरकार की आलोचना करते हैं और उन्हें कई बार नेताओं को लेकर अच्छी असम्मानजक बातें करने के लिए गिरफ़्तार भी किया गया है.
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि अगर इस क़ानून को ख़त्म नहीं करना है तो कम से कम इसे हल्का किया जाना चाहिए ताकि यूं ही लोगों को गिरफ़्तार न किया जा सके.
जज ने ये बातें अहमदाबाद में 'भारत में राजद्रोह का क़ानून और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' विषय पर शनिवार को आयोजित एक सेमिनार में कहीं.
बीमा के नाम पर 13 करोड़ की ठगी
दिल्ली के रोहिणी इलाक़े में एक गिरोह को पकड़ा गया है जिसने बीमा के नाम पर अच्छे रिटर्न का झांसा देकर 13 करोड़ की ठगी की है.
हिंदुस्तान की ख़बर के अनुसार पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ़्तार किया है जिन्होंने 225 लोगों को अपना शिकार बनाया है.
इन लोगों ने एक शख़्स को एलआईसी के फंड मैनेजर बनकर फ़ोन किया और पॉलिसी पूरी होने की सूचना दी और पेंशन में निवेश करने की सलाह दी. इस शख़्स ने 20 लाख का निवेश किया और रकम मांगी तो आरोपी बहाने बनाने लगे.
जब पुलिस के पास मामला पहुंचा तो पता चला कि दो साल से सक्रिय गिरोह ने देशभर में करोड़ों की ठगी की है.
दिल्ली में 70% घट गए चालान
1 सितंबर के बाद से दिल्ली में होने वाले ट्रैफ़िक चालानों की संख्या घट गई है.
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार संशोधित क़ानून के बाद चालान की संख्या में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है.
इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जुर्माने की राशि बढ़ने के कारण लोग अब ट्रैफ़िक नियमों का पहले से अधिक पालन करने लगे हैं.
नया क़ानून लागू होने के बाद दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने हर दिन औसतन 4.813 चालान काटे जबकि पिछले महीने यह संख्या 16,788 थी.
नीरव-मेहुल ने ओबीसी को भी लगाई 'चपत'
पंजाब नैशनल बैंक से 12 हज़ार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फ़रार चल रहे कारोबारियों नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को लेकर नई जानकारी सामने आई है.
अमर उजाला के मुताबिक़, दोनों ने ओरिएंटल बैंक ऑफ़ कॉमर्स को भी 289 करोड़ रुपये की चपत लगाई है.
अख़बार लिखता है कि यह जानकारी पीएनबी में विलय से पहले ओबीसी ने ख़ुद नोटिस जारी करके दी है.
नोटिस के अनुसार नीरव मोदी की एक कंपनी पर 60.14 करोड़ जबकि दूसरी पर 32.25 करोड़ रुपये बकाया हैं.
वहीं मेहुल की एक कंपनी पर136.45 और दूसरी पर 59.53 करोड़ रुपये बकाया हैं.
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