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जियो फ़ाइबर की एंट्री से क्या भारत में ब्रॉडबैंड बेहद सस्ता हो जाएगा?
जियो ने गुरुवार को भारत में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा लॉन्च की जिससे भारत के उभरते हुए इंटरनेट और स्ट्रीमिंग उद्योग में उलट-पुलट होने की संभावना है.
'जियो फ़ाइबर' की सालाना योजनाओं में मुफ़्त टीवी, सेट-टॉप बॉक्स और प्रीमियम स्ट्रीमिंग सेवाएं दी गई हैं.
100 एमबीपीएस से 1जीबीपीएस तक की स्पीड के लिए टेलिकॉम दिग्गज रिलायंस 700 रुपये से 10,000 रुपये प्रति महीने का शुल्क लेगी.
इन योजनाओं से पूरे देश में एक बार फिर सस्ते इंटरनेट और मुफ़्त दी जा रही सेवाओं को लेकर प्राइस वॉर छिड़ने की संभावना है.
जियो के बाद जियो फ़ाइबर
2016 में जब रिलायंस ने जियो मोबाइल सेवा के ज़रिए मुफ़्त कॉल और डेटा देने की अपनी योजना शुरू की थी. इसके बाद मोबाइल नेटवर्क पर इंटरनेट की कीमतें गिरना शुरू हो गई थीं और प्रतिस्पर्धी कंपनियों और ग्राहकों के प्राइस वॉर देखने को मिला था.
सिनेमा हॉल से भी मुक़ाबला
12 अगस्त को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में रिलायंस के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को बताया था कि जियो फ़ाइबर की कीमतें वैश्विक दरों से दस गुना कम होंगी.
उनका कहना था कि सब्स्क्राइबर्स को लैंडलाइन पर मुफ़्त आउटगोइंग कॉल से लेकर मुफ़्त एलईडी टीवी तक की योजनाओं का लाभ मिलेगा.
उन्होंने यह भी कहा था कि प्रीमियम ग्राहक अपने कमरे में बैठ कर "घर के टीवी सेट पर रिलीज़ के दिन ही फ़िल्में देख सकेंगे." इसे जियो ने 'फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो' का नाम दिया है.
इन ऑफ़र्स का मतलब साफ़ है कि रिलायंस सिर्फ एक सेवा से ही एकसाथ प्रतिस्पर्धी टेलिकॉम कंपनियों, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और यहां तक कि सिनेमा हॉल के साथ मुक़ाबला करेगी.
भारत दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ते इंटरनेट बाज़ारों में से एक है. पूरी संभावना है कि यहां वीडियो-ऑन-डिमांड का बाज़ार अभी और बड़ा होगा.
कंसल्टेंसी फ़र्म प्राइस वॉटरहाउस की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़, भारतीय मीडिया इंडस्ट्री में विकास का लगभग 46 फ़ीसदी हिस्सा टेलिविज़न, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म और फ़िल्म उद्योग का है.
इस साल की शुरुआत में रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम ऑपरेटर बन गई. 30 जून को समाप्त हुई पहली तिमाही में रिलायंस जियो को 891 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा हुआ है.
टेक्नोलॉजी लेखक प्रशांतो रॉय का नज़रिया:
जैसा कि रिलायंस की किसी भी नई सेवा के साथ देखने को मिलता रहा है है, जियो फ़ाइबर ने भी 5 सितंबर को अपने लॉन्च से पहले ही सुर्खियां बटोर ली थीं.
अगस्त में मुकेश अंबानी की घोषणा ने टेलिकॉम सेक्टर को हिलाकर रख दिया था. आनन फ़ानन में कई प्रतिस्पर्धी टेलिकॉम ऑपरेटर इससे मुक़ाबले के लिए ऑफ़र्स ले आए.
सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी एयरटेल ने जियो फ़ाइबर के लॉन्च से पहले Xstream नाम के एक डिजिटल इंटरटेनमेंट सर्विस शुरू की.
जैसी कि अपेक्षा थी, अंबानी ने ठीक वैसी ही योजनाओं और सुविधाओं की घोषणा जो बेहद लुभावनी हैं. यह भी तय था कि इसके लिए ग्राहकों को लंबी अवधि के लिए मुफ़्त ट्रायल ऑफर भी दिया जाएगा.
इस ट्रॉयल अवधि के दौरान 'जियो फ़ाइबर प्रिव्यू ऑफर' में विभिन्न जियो एप्स के साथ 100 एमबीपीएस का जियो कनेक्शन मुफ़्त है.
100 जीबी डेटा मिलेगा, लेकिन जो यूजर इसे ख़त्म कर लेते हैं उन्हें 40 जीबी का ऑनलाइन टॉप-अप दिया जाएगा. यह टॉप-अप 24 बार दिया जाएगा. यानी कुल मिलाकर 1000 जीबी से अधिक डेटा मुफ़्त मिलेगा.
सब्स्क्राइब करने वाले ग्राहकों से राउटर के लिए 2,500 रुपये लिए जाएंगे जो रिफ़ंडेबल होंगे.
प्रीमियम प्लान की तो और भी लुभावनी योजना है. इसे लेने वाले ग्राहकों को एचडी या एलईडी टीवी सेट और 4के (अल्ट्रा-हाई डेफिनिशन) सेट-टॉप बॉक्स मिलेगा, जिसकी मदद से आप ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते हैं.
जियो की इन सेवाओं के लिए अब तक क़रीब 1.5 करोड़ ग्राहकों ने पंजीकरण करवा लिया है.
रिलायंस ने समूचे भारत के 1,600 शहरों में दो करोड़ परिवारों और डेढ़ करोड़ बिज़नेस संस्थानों में जियो फाइबर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
जियो ने सितंबर 2016 में अपनी मोबाइल सेवाएं शुरू की थीं. इसकी शुरुआत मुफ़्त सेवाओं से की गई थी. तब महज छह महीने में ही इससे 10 करोड़ ग्राहक जुड़ गए थे.
अन्य टेलिकॉम ऑपरेटरों के ग्राहकों की तुलना में इसके 34 करोड़ ग्राहक 30 फ़ीसदी अधिक खर्च करते हैं.
इसकी वजह से भारत में मोबाइल डेटा की कीमतें भी बहुत तेज़ी से नीचे गिरीं. जब जियो टेलिकॉम की शुरुआत हुई थी तब भारत में 10 ऑपरेटर्स थे, आज यह संख्या महज चार रह गई है.
यही कारण है कि एयरटेल और बीएसएनएल जैसी कई ब्रॉडबैंड कंपनियां भारत में एक बार फिर उसी तरह की संभावनाएं देख रही हैं, जैसी कि जियो मोबाइल सेवाओं के शुरू होने के बाद दिखी थीं.
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