You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कश्मीर: स्वास्थ्य सुविधाएं कैसी, धरने पर बैठे डॉक्टर से जानिए: ग्राउंड रिपोर्ट
- Author, रियाज़ मसरूर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से
अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाने के भारत सरकार के फ़ैसले के तीन सप्ताह बीतने के बाद भी भारत प्रशासित कश्मीर में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
भारत प्रशासित कश्मीर में जो पाबंदियां लगाई गई हैं उनमें बुनियादी तौर पर तीन बात हैं- इंटरनेट की सहूलियत बंद है, लैंडलाइन कुछ इलाकों में ठीक तौर पर काम कर रहे हैं, लेकिन मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप्प है.
इन सबके चलते सबसे बड़ी चुनौती अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं को उठानी पड़ रही है.
डॉक्टरों को मुश्किलें पेश आ रही हैं. वे इंटरनेट पर रिसर्च नहीं कर सकते हैं और बाहर के डॉक्टरों से उनका संपर्क कट गया है. ऐसे में वे अपने मरीज़ों का ठीक ढंग से इलाज़ नहीं कर पा रहे हैं.
ऐसे ही एक डॉक्टर हैं डॉक्टर उमर. उमर इलाके में इंटरनेट की सुविधा बंद होने के विरोध में श्रीनगर के लाल चौक पर सोमवार को विरोध प्रदर्शन पर बैठे. वे इंटरनेट सुविधा बहाल करने की गुजारिश के लिए इस प्रदर्शन पर बैठे.
इस दौरान उमर ने बताया, "ये प्रोटेस्ट नहीं है, रिक्वेस्ट है. यह मानवीय संकट बन सकता है. पूरा हेल्थ केयर सिस्टम प्रभावित हो सकता है. प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में हम आयुष्मान भारत योजना का लाभ ग़रीब मरीजों को मुफ़्त दे सकते हैं. लेकिन इंटरनेट और फोन लाइन की कनेक्टिविटी नहीं होने के चलते हम मरीजों की मदद नहीं कर पाए हैं. वे अपने ख़र्चे पर दवाईयां ख़रीद रहे हैं, ये हम देख रहे हैं."
हालांकि सरकार दावा कर रही है, कश्मीर में दवाईयों का स्टॉक पूरा है, एंबुलेसें चल रही है, अस्पताल खुले हुए हैं. ऐसे में इंटरनेट बंद होने से स्वास्थ्य सुविधाओं पर क्या असर पड़ रहा है, ये पूछे जाने पर डॉक्टर उमर बताते हैं, "हेल्थ इंश्यूरेंस स्कीम या आयुष्मान भारत इंटरनेट बेस्ड हैं. मरीज अपना स्मार्ट कार्ड लेकर आते हैं. उसे स्वाइप करते हैं, इसके बाद ही हम उन्हें देखते हैं, दवाईयां देते हैं."
वैसे इंटरनेट बंद होने से इलाके में किसी मरीज की मौत की ख़बर नहीं है.
डॉक्टर उमर बताते हैं, "अभी तो मेरी जानकारी में भी किसी की मौत की ख़बर नहीं है, लेकिन हफ्ते में जिसको तीन डायलिसिस चाहिए अगर उसको एक डायलिसिस मिलेगा तो मरीज़ की मौत हो सकती है."
जब उमर ये प्रदर्शन कर रहे थे उसके कुछ देर बाद ही पुलिस उन्हें उठाकर ले गई.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)