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रविदास मंदिर ढहाने पर उग्र हुआ प्रदर्शन, तोड़फोड़
दिल्ली में पिछले दिनों तुग़लक़ाबाद इलाक़े में एक रविदास मंदिर को गिराए जाने के विरोध में बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई जिसमें कई लोग घायल हो गए जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा है कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियाँ चलाईं.
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद और 50 अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद इस इलाक़े में तनाव है जिसे देखते हुए वहाँ कड़ा पुलिस बंदोबस्त किया गया है.
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) चिन्मय बिस्वाल ने बताया, "शाम साढ़े सात बजे रविदास मार्ग पर भीड़ जुटी जो पुलिस के शांति बनाए रखने के आग्रह के बावजूद अनियंत्रित और हिंसक हो गई और पुलिसकर्मियों पर पत्थर चलाने और हमले करने लगी."
समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के हवाले से कहा है कि चंद्रशेखर को गिरफ़्तार कर लिया गया है. आईपीसी की धारा 147, 149, 186, 353, 332 के तहत गोविंदपुरी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है. अन्य प्रदर्शनकारी भी पुलिस हिरासत में हैं और आगे जांच जारी है.
उन्होंने कहा कि कार्रवाई में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट लगी मगर कोई आम व्यक्ति घायल नहीं हुआ.
चिन्मय बिस्वाल ने कहा, "अनियंत्रित भीड़ से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और इस बारे में उचित कार्रवाई की जाएगी."
हिंसक हुआ प्रदर्शन
दिल्ली के तुग़लकाबाद में 10 अगस्त की सुबह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुरु रविदास मंदिर को ढहा दिया था.
इसके बाद दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों में इसकी प्रतिक्रिया हुई.
इसी सिलसिले में बुधवार को दिल्ली में एक प्रदर्शन बुलाया गया जिसमें कई राज्यों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आए और इस वजह से दिल्ली के कई इलाक़ों में सड़कों पर जाम लग गया.
पुलिस के अनुसार, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों को भी नुक़सान पहुँचाया और दो मोटरबाइकों में आग लगा दी.
भीम आर्मी का कहना था कि वो ढहा दिए गए मंदिर की जगह पर संत रविदास की मूर्ति लगाना चाहते हैं.
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर का कहना था कि 'अगर उनकी मौत होती है तो उनकी लाश को इस मंदिर तक ले जाया जाना चाहिए.'
हालाँकि प्रदर्शन के दौरान मौजूद बीबीसी संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली ने बताया कि आयोजन को लेकर थोड़ा भ्रम की भी स्थिति थी.
चंद्रशेखर ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि पुलिस प्रशासन घबराकर प्रदर्शन को जंतर-मंतर पर जाने की इजाज़त नहीं दे रहा.
इसके बाद प्रदर्शनकारी पहले रामलीला मैदान में जमा हुए और कुछ देर वहां रुकने के बाद दक्षिण दिल्ली का रुख़ किया. तुग़लकाबाद इसी इलाक़े में है.
फ़ैसल मोहम्मद अली ने ये भी बताया कि रैली में बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती के समर्थकों की उपस्थिति काफ़ी कम दिखी.
उल्लेखनीय है कि मायावती और चंद्रशेखर के बीच तनाव की ख़बरें पिछले दिनों कई बार सुर्ख़ियों में रही हैं.
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