राजनाथ सिंह: परमाणु हथियार पहले ना इस्तेमाल करने की नीति बदल सकती है

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत परमाणु हथियारों के 'पहले इस्तेमाल न' करने की नीति पर अभी भी कायम है लेकिन 'भविष्य में क्या होता है यह परिस्थितियों पर निर्भर करता है.'

पांचवें इंटरनेशनल आर्मी स्काउट मास्टर्स कॉम्प्टीशन के लिए पोखरण पहुंचे राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से यह बात कही. साथ ही राजनाथ सिंह ने कई ट्वीट भी किए.

उन्होंने ट्वीट में लिखा, "पोखरण वह जगह है जो अटल जी के परमाणु शक्ति बनने के दृढ़ संकल्प का गवाह बना था और अभी भी हम 'पहले इस्तेमाल नहीं' के सिद्धांत को लेकर प्रतिबद्ध हैं. भारत इस सिद्धांत का कड़ाई से पालन करता है. भविष्य में क्या होता है तो परिस्थितियों पर निर्भर करता है."

इसी के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

इसको लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, "आज पोखरण गया और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और स्वतंत्र भारत के दिग्गजों में से एक अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी."

इसके अलावा राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि भारत एक ज़िम्मेदार परमाणु राष्ट्र का दर्जा रखता है जो भारत के हर नागरिक के लिए एक राष्ट्रीय गौरव की बात है. राष्ट्र अटल जी की महानता का ऋणी रहेगा."

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान लगातार भारत हमलावर है. उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाया है और संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में दख़ल देने को कहा है.

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने राजनाथ सिंह के बयान से सहमति जताते हुए ट्वीट किया कि राजनाथ सिंह की वाजपेयी की पहले परमाणु हथियार ना इस्तेमाल करने की नीति समीक्षा की चेतावनी सही है क्योंकि पाकिस्तान का नेतृत्व 1998 की तुलना में उद्दंड है.

इससे पहले जुलाई में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था कि भारत अगर परमाणु हथियार छोड़ता है तो उनका देश भी इसे छोड़ने के लिए तैयार है. इमरान ख़ान ने यह बात अमरीकी दौरे पर कही थी.

दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि परमाणु युद्ध कोई विकल्प नहीं है. इस दौरान इमरान ख़ान ने यह भी स्वीकार किया था कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों की सीमाओं पर तनाव है.

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