एलओसी पर भारत के दावे को पाकिस्तान ने ग़लत बताया

एलओसी पर तैनात जवान

इमेज स्रोत, AFP

भारत का दावा है कि उसकी सेना ने जम्मू कश्मीर के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर एक अग्रिम चौकी पर पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) का हमला नाकाम कर दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय सेना ने कम से कम पांच से सात घुसपैठियों को भी मारने का दावा किया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के 5-7 जवानों या चरमपंथियों के शव नियंत्रण रेखा पर ही पड़े हुए हैं जिन्हें भारी बारिश की वजह से अभी तक उठाया नहीं जा सका है.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भारत के इन दावों को ग़लत बताया है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एलओसी पार करके पाकिस्तान की कार्रवाई और शवों की मौजूदगी की बात करना भारत का 'प्रोपेगेंडा' है.

इस बयान में ये भी कहा गया है कि भारत इस तरह की बात करके अपने 'कब्ज़े वाले कश्मीर' में भारतीय सुरक्षाबलों के बढ़ते अत्याचारों से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है.

अमरनाथ यात्रा

इमेज स्रोत, PTI

इससे पहले, भारत सरकार ने अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवायज़री जारी कर जम्मू कश्मीर से जल्द से जल्द लौट जाने के लिए कहा है.

कश्मीर घाटी

इसके बाद जम्मू कश्मीर में ख़ासतौर पर कश्मीर घाटी में अफ़रा-तफ़री का माहौल है.

सत्यपाल मलिक

इमेज स्रोत, Getty Images

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीर घाटी में सुरक्षा कारणों से अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है.

उमर अब्दुल्ला

इमेज स्रोत, Getty Images

वहीं जम्मू कश्मीर के नेताओं ने मौजूदा हालात पर केंद्र सरकार से संसद में स्पष्टीकरण देने की मांग की है.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि केंद्र सरकार की एडवायज़री जारी होने से डर का माहौल है.

ये भी पढ़ें

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)