ज़ोमैटो राइडर ने कहा, ग़रीब हूँ, क्या कर सकता हूँ- प्रेस रिव्यू

नवभारत टाइम्स में 'ज़ोमैटो' के उस डिलीवरी ब्वॉय की ख़बर छपी है, जिनका पहुंचाया खाना लेने से एक शख़्स ने इनकार कर दिया था.

इस डिलिवरी ब्वॉय का नाम फ़ैयाज़ है. फ़ैयाज़ ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें इस घटनाक्रम से दुख हुआ है लेकिन वो लाचार हैं, इसलिए इस बारे में कुछ और कह नहीं सकते.

फ़ैयाज़ ने बताया, "मैंने ग्राहक की डिलीवरी लोकेशन जानने के लिए उन्हें फ़ोन किया. उन्होंने फ़ोन तो उठाया मगर ऑर्डर कैंसल करने की बात कही. उन्होंने कहा कि वो एक मुसलमान का पहुंचाया खाना नहीं खाना चाहते. मुझे इससे दुख तो पहुंचा लेकिन मैं ग़रीब हूं सर. मैं क्या कर सकता हूं?''

अमित शुक्ल नाम के एक शख़्स ने ज़ोमैटो को ट्वीट करते हुए कहा था कि ग़ैर हिंदू राइडर होने की वजह से वो अपना ऑर्डर कैंसल कर रहे हैं. उनके ट्वीट के जवाब में ज़ोमैटो के ट्विटर हैंडल से जवाब आया, "खाने का कोई धर्म नहीं होता. खाना अपने आप में एक धर्म है."

इसके बाद ज़ोमैटो के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने ट्वीट किया, ''आइडिया ऑफ इंडिया के साथ-साथ ग्राहकों और सहयोगियों के बीच विविधता पर हमें फ़ख़्र है. अपने उसूलों पर चलते हुए अगर हमें कोई नुक़सान होता है तो हमें इसका कोई अफ़सोस नहीं है.''

ज़ोमैटो की इस प्रतिक्रिया की सोशल मीडिया में काफ़ी तारीफ़ हो रही है.

नशे में गाड़ी चलाई तो 10 हज़ार जुर्माना

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट है कि मोटर वाहन (संशोधन), 2019 विधेयक बुधवार को राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित हो गया.

यह विधेयक पिछले ढाई साल से लंबित था और अब इसके क़ानून बन जाने के बाद यातायान नियम काफ़ी सख़्त हो जाएंगे साथ ही ट्रैफ़िक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने में भी भारी बढ़ोतरी की गई है.

शराब पीकर या नशे में गाड़ी चलाने पर ज़ुर्माना 2,000 से बढ़ाकर 10 हज़ार, गाड़ी चलाते वक़्त फ़ोन पर बात करने और बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर लगने वाला ज़ुर्माना 1,000 से बढ़ाकर पांच हज़ार कर दिया है.

लोकसभा में पीएम मोदी के साथ बैठेंगी स्मृति इरानी

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर है कि केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पहली कतार में बैठेंगी. स्मृति इरानी अमेठी से चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा में आई हैं.

अख़बार लिखता है कि लोकसभा में सांसदों के बैठने की व्यवस्था में काफ़ी बदलाव हो रहा है और इसी बदलाव की प्रक्रिया में राहुल गांधी को पहली कतार में सीट नहीं मिली है.

स्मृति इरानी के अलावा जिन नेताओं को पहली कतार में जगह मिली है वो हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जो पीएम मोदी के बगल में बैठेंगे. इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को सीट मिली है.

विपक्ष की ओर पहली कतार में उपाध्यक्ष के बैठने के लिए सीट खाली रखी गई है, जिस पर फ़ारूख़ अब्दुल्लाह और सुप्रिया सुले जैसे नेताओं को सीट दी गई है.

विपक्ष की तरफ़ पहली कतार में सोनिया गांधी, अधीर रंजन चौधरी, टीआर बालू और मुलायम सिंह यादव को जगह मिली है.

15 अगस्त: कश्मीर के हर गांव में लहराएगा तिरंगा

दैनिक जागरण में ख़बर छपी है कि आगामी 15 अगस्त यानी भारतीय स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर के हर गांव में झंडा फहराया जाए, केंद्र सरकार यह कोशिश कर रही है.

अख़बार लिखता है कि पिछले महीने गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बारे में चर्चा की गई थी.

भारत प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी और अलगाववादी संगठन हर साल स्वतंत्रता दिवस पर बंद का ऐलान करते हैं.

ये संगठन स्थानीय लोगों से 15 अगस्त को काला दिवस (यौम-ए-स्याह) मनाने का आह्वान करते हैं. ऐसी स्थिति में कश्मीर घाटी में सिर्फ़ ज़िला मुख्यालयों में सरकारी स्तर पर कड़ी सुरक्षा के बीच स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जाता है.

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