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उन्नाव रेप केस मामले में चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने पूछा 'अब तक चिट्ठी क्यों नहीं पेश की गई'
उन्नाव रेप कांड में पीड़ित परिवार की तरफ से लिखी गई चिट्ठी नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने नाराज़गी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल से पूछा है कि इस मामले में शीर्ष अदालत के नाम लिखी गई चिट्ठी उनके सामने अब तक क्यों नहीं पेश की गई.
रविवार को रायबरेली जाते वक़्त उन्नाव रेप पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी. जिसमें पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हो गई थी जबकि कार में सवार उनके वकील और पीड़िता की हालत नाज़ुक बताई गई है.
रविवार को हुए कार हादसे की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और सीबीआई ने इस मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर समेत 10 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है.
पीड़िता के परिवार ने कुछ दिन पहले ही चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई को चिट्ठी लिख कर उनके जान को ख़तरे की आशंका जताई थी.
अब चीफ़ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल से इस बाबत जवाब मांगा है. साथ ही पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी गई है.
चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई पीड़िता के पत्र मामले में गुरुवार को सुनवाई करेंगे.
चीफ़ जस्टिस का कहना है कि वे इस विनाशकारी माहौल में कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करेंगे.
क्या कहा चीफ़ जस्टिस ने?
चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा, "आज सुबह मैंने अख़बार में पढ़ा कि उन्नाव रेप पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी भेजा था. लेकिन मैंने अब तक वो चिट्ठी नहीं देखी. यह अब तक मेरे सामने पेश नहीं किया गया."
उन्होंने कहा, "हम प्रयास करेंगे कि इस माहौल में पीड़िता के लिए कुछ बेहतर किया जा सके."
उन्नाव रेप कांड के पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई को चिट्ठी लिखी थी जिसमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की धमकियों का जिक्र किया गया था.
वरिष्ठ वकील वी गिरि कहते हैं कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा जा सकता है.
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