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आज़म ख़ान को संसद से बर्ख़ास्त करने की मांग
लोकसभा में गुरुवार को स्पीकर की कुर्सी पर बैठीं बीजेपी सांसद रमा देवी पर की गई समाजवादी पार्टी सांसद आज़म खान की टिप्पणी के बाद शुक्रवार को यह मुद्दा संसद में छाया रहा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, रविशंकर प्रसाद और कई दूसरी पार्टियों की महिला सांसदों ने आज़म ख़ान से माफ़ी के साथ-साथ उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, "पूरे देश ने देखा कि कल यहां क्या हुआ. इस सदन ने कामकाज की जगह पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ा बिल पास किया. मैं सबसे अपील करती हूं कि सब एक आवाज़ में कहें - आप किसी महिला से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते और ना ही बाद में इस मुद्दे पर ड्रामा करके बच सकते हैं."
वहीं, टीएमसी की सांसद मिमि चक्रबर्ती ने कहा, "कोई भी संसद में खड़ा होकर एक महिला को ये नहीं कह सकता 'मेरी आंखों में देखकर बात करो' स्पीकर सर, यहां सभी महिलाएं आपसे कुछ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रही हैं."
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि कल जो हुआ उसके ख़िलाफ़ सब खड़े हो रहे हैं और एक आवाज़ में निंदा कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, "हमें आपसे (लोकसभा स्पीकर) उम्मीद है कि उनके खिलाफ़ ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जो दूसरों के लिए भी उदाहरण हो."
स्मृति ईरानी ने ये भी कहा कि इसे सिर्फ़ महिलाओं की समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. "ये सभी सांसदों पर एक धब्बा है, जिनमें पुरुष भी शामिल हैं. ये कोई ऐसा सदन नहीं है, जहां पुरुष आते हैं और कहते हैं कि 'किसी औरत की आंखों में झांका जाए.'"
कई पुरुष सांसदों ने भी आज़म ख़ान की टिप्पणी को अशोभनीय बताया.
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने लोक सभा में कहा, "आज़म ख़ान को माफ़ी मांगनी चाहिए या फिर उन्हें लोकसभा से निलंबित कर दिया जाए. ये हमारी मांग है."
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दे का राजनीतिकरण चौंकाने वाला है.
उन्होंने कांग्रेस के विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमें एकसाथ खड़े होना होगा, तो कुछ लोगों में हिचक क्यों है? असमंजस क्यों है? मैं किसी का नाम नहीं ले रही हूं."
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इस मामले पर अपनी बात कही.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अपमान के ख़िलाफ़ है. कई बार सोनिया गांधी जी को भी संसद में 'इटली की कठपुतली' आदी कहा गया."
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आज़म ख़ान का बचाव करते दिखे.
उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आज़म ख़ान ने रमा देवी के लिए कुछ अपमानजनक बात कही. उन्होंने ये भी कहा कि ये (बीजेपी सांसद) उंगली उठाने वाले होते कौन हैं.
एनसीपी के माजिद मेमन ने कहा कि आज़म खान ने जो कुछ भी कहा वो अपमानजनक नहीं लगता है. उनके मुताबिक, "उन्होंने माननीय चेयरपर्सन का अपमान करने के मक़सद से कुछ नहीं कहा. मुझे नही लगता कि आज़म ख़ान इस तरह की मूर्खता करेंगे. मुझे नहीं लगता कि इस बात का मुद्दा बनाया जाना चाहिए."
हालांकि बाद में अखिलेश ने कहा, "यदि कल असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल हुआ, अगर बीजेपी के सांसद अपने शब्द वापस ले लेते हैं और अगर मैंने किसी असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया, तो मैं उन्हें वापस ले लूंगा."
आज़म ख़ान ने भी लोकसभा से बाहर निकलकर पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि अगर उन्होंने सदन में कुछ भी आपत्तिजनक कहा होगा तो वह स्वयं इस्तीफ़ा दे देंगे.
वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी आज़म खान की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है.
उन्होंने ट्वीट किया, "यूपी से सपा सांसद श्री आज़म खान द्वारा कल लोकसभा में पीठासीन महिला के ख़िलाफ़ जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह महिला गरिमा व सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है तथा अति-निन्दनीय है. इसके लिए उन्हें संसद में ही नहीं बल्कि समस्त महिलाओं से माफ़ी मांगनी चाहिए."
ख़ुद रमा देवी ने भी आज़म ख़ान से माफ़ी की मांग की है. उन्होंने कहा, "उन्होंने कभी भी महिलाओं का सम्मान नहीं किया. हम सब जानते हैं, जो उन्होंने जया प्रदा जी के बारे में कहा था. उन्होंने लोकसभा में रहने का अधिकार नहीं है, मैं स्पीकर से अपील करूंगी कि उन्हें बर्खास्त किया जाए."
गुरुवार को सदन में कई सांसद इस टिप्पणी को लेकर आज़म ख़ान से माफ़ी की मांग करने लगे.
लेकिन आज़म खान ने जवाब में रमा देवी से कहा, "आप बहुत आदरणीय हैं. आप मेरी बहन की तरह हैं."
इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा का कहना था कि ये बहुत ही शर्मनाक टिप्पणी है.
उन्होंने कहा कि आज़म खान ऐसा बार-बार करते हैं. उन्होंने भी लोक सभा स्पीकर से आज़म खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए.
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