कर्नाटकः राजनीतिक संकट गहराया, 11 विधायकों ने सौंपा इस्तीफ़ा

एचडी कुमारस्वामी

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

कर्नाटक में एक बार फिर राजनीतिक संकट और गहरा गया है. कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के 11 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय जाकर अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है.

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि वो इन इस्तीफ़ों पर मंगलवार को ही विचार कर पाएंगे क्योंकि उससे पहले वो व्यस्त हैं.

ऐसा लगता है कि बीजेपी का 'ऑपरेशन कमल 4.0' अभी जारी है और कांग्रेस और जेडीएस में संभावित लोगों के इस्तीफ़े के साथ ये तार्किक परिणति की ओर जा रहा है.

इस्तीफ़ा देने वाले इन 11 विधायकों में तीन ऐसे हैं जो कांग्रेस पार्टी के वफ़ादार या पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के क़रीबी हैं.

अगर ये इस्तीफ़े स्वीकार कर लिए जाते हैं तो 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में विधायकों की संख्या 215 रह जाएगी. इसमें आनंद सिंह का नाम भी भी शामिल है जिन्होंने पिछले सप्ताह ही अपना इस्तीफ़ा सौंपा था.

विधानसभा सदस्यों की संख्या 208 तक लाने के लिए बीजेपी को और 8 सदस्यों की ज़रूरत पड़ेगी.

इस समय विधानसभा में बीजेपी के 105 सदस्य हैं. इसलिए इस्तीफ़ों को बढ़ावा देकर इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों की संख्या 104 तक लानी होगी.

एचडी कुमारस्वामी और सिद्धारमैया

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नाम न जाहिर करने की शर्त पर बीजेपी के एक नेता ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अब योजना इस बात को सुनिश्चित करने की है कि 12 जुलाई को जब विधानसभा सत्र शुरू होगा तो हमारे नेता बीएस येद्दयुरप्पा एचडी कुमारस्वामी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास मत का प्रस्ताव सदन में रख सकें."

बीजेपी नेताओं को लगता है कि अगले कछ दिनों में कांग्रेस और जेडीएस से और अधिक विधायक बीजेपी की ओर आएंगे और विधानसभा से इस्तीफ़ा दे देंगे.

इस्तीफ़ा देने वालों में एएच विश्वनाथ का नाम भी शामिल है जो अभी पिछले हफ़्ते तक जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष थे.

आज अपना इस्तीफ़ा सौंपने वालों में पूर्व मंत्री रामालिंगा रेड्डी, बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन एसटी सोमेश्वर और बी. बसवराज जैसे दिग्गज नेता भी हैं.

एक कांग्रेसी नेता ने बताया, "इस हालात को देखते हुए, लगता है कि मौजूदा विवाद में अंदरखाने अपना हित साधने की भी योजना काम कर रही है."

हालांकि रामलिंगा रेड्डी कहना है, "ये कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व या किसी अन्य के ख़िलाफ़ नहीं है."

हालात पर विचार विमर्श करने के लिए कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वरा और मंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के कांग्रेसी विधायकों और कार्पोरेटरों की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई है.

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