You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बीयर की बोतल पर महात्मा गांधी की तस्वीर पर विवाद
- Author, मेहुल मकवाना
- पदनाम, बीबीसी गुजराती
बीयर के बोतल पर टीशर्ट और काले चश्मे में गांधी जी की तस्वीर सामने आने पर विवाद खड़ा हो गया है.
इसराइल की एक शराब बनाने वाली माका ब्रेवरी कंपनी ने अपनी बीयर की बोतलों पर ये तस्वीर छापी है.
केरल में महात्मा गांधी नेशनल फ़ाउंडेशन के चेयरमैन एबीजे जोशे ने इस मामले में कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में कार्रवाई की अपील की है.
उन्होंने कहा है कि शराब बंदी के हिमायती रहे राष्ट्रपिता का ये अपमान है.
जोशे ने उस चित्रकार पर भी कार्रवाई करने की इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू से मांग की है.
असल में सोशल साइट टिकटॉक पर एक वीडियो आया जिसमें बीयर की बोतल पर गांधी जी की टीशर्ट और काले चश्मे में तस्वीर छपी थी.
देखते देखते ये वीडियो काफ़ी प्रचारित हुआ और इसराइल में रहने वाले एबीजे जोशे के एक दोस्त ने उनको एक वीडियो भेजा.
बीयर शॉप में बने इस वीडियो में उन्होंने गांधीजी के चित्र वाली बोतल रखी थी. वीडियो बनाने वाले मुंसोन ने बीयर की बोतल पर गांधी के चित्र छपे होने पर हैरानी जताई थी.
कौन है कलाकार?
इसराइल के अमित शिमोनी नामके कलाकार ने ये विवादित चित्र बनाया है.
अमित अपने एक हिपोस्टोरी नामक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं और जिसमें वो दुनिया की नामी शख़्सियतों की तस्वीर मॉडर्न ट्विस्ट देते हुए बनाते हैं.
सिमोन का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का मक़सद है कि आज के युवा महान लोगों के बारे में जानें और उनकी विचारधारा के प्रति आकर्षित हों.
अमित सिमोनी भारत का तीन बार भ्रमण कर चुके हैं और गांधी का वो आदर करते हैं.
सिमोनी ने बीबीसी गुजराती को बताया कि गांधी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए ही उन्होंने ये तस्वीर बनाई है.
उनका मानना है कि गांधी को उन्होंने मार्टिन लूथर किंग और अल्बर्ट आइनस्टाइन के समकक्ष खड़ा किया है.
ये तस्वीर कैसे बीयर की बोतल पर पहुंची
असल में माका ब्रीवरीज कंपनी ने अमित सिमोनी के इस प्रोजेक्ट के लिए टाइअप किया था.
14 मई को इसराइल के स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर उन्होंने इसराइल की इस कंपनी के लिए दुनिया के महान लोगों के चित्र बनाए.
सिमोनी का कहना था कि माका ब्रीवरीज के पास भारतीय शैली की बीयर थी और उसके लिए कंपनी ने गांधी का चित्र बनाने को कहा था.
उनके मुताबिक़, जब उन्होंने चित्र बनाया तब उनके दिमाग़ में ऐसा कुछ नहीं था कि वो कोई अपराध करने जा रहे हैं.
सिमोनी ने कहा कि अगर उनके इस चित्र से किसी को दुख पहुंचा है तो वो माफ़ी मांगते हैं. वो कहते हैं, "माका ब्रीवरीज ने अब ये बीयर बनाना बंद कर दिया है."
हालांकि एबीजे जोशे ने मोदी से लेकर इसराइल के प्रधानमंत्री, इसराइल में भारतीय दूतावास और भारत में इसराइली दूतावास समेत कई जगहो पर अपनी अपील भेजी है.
क्या बोले गांधी के प्रपौत्र
महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने इस पूरे मामले पर कहा है, "ये एक विकृत मार्केटिंग जिसमें अब बदनामी से प्रसिद्धि मिलती है."
ये विवाद बीयर की बोतल का नहीं है बल्कि काला चश्मा और टीशर्ट वाले गांधी की तस्वीर का भी है. दावा किया जा रहा है कि इस तस्वीर के पीछे युवाओं को जोड़ने की मंशा है. लेकिन तुषार गांधी इसे सहमत नहीं दिखते.
वो कहते हैं, "अगर इस दलील को मानें तो कल को युवाओं को आकर्षित करने के लिए गांधी को डिस्को में डांस करते हुए भी दिखा सकते हैं. ये सही नहीं है."
उनके अनुसार, "गांधीजी को इस तरह युवाओं के सामने नहीं पेश किया जाना चाहिए. उनकी विचारधारा को उनके ख़िलाफ़ कैसे दिखा सकते हैं?"
"आज कोई बापू के नाम पर बीयर बनाता है तो कल कोई बंदूक़ बनाने लगेगा. बापू के संस्कार नहीं तो उनके नाम की बंदूक़ लेकर घूमो. ये ठीक नहीं है."
गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित राजनीतिक विश्लेषक हेमंत कुमार शाह कहते हैं कि गांधीजी ख़ुद शराबबंदी के बहुत बड़े समर्थक थे. शराबबंदी आज़ादी के आंदोलन का एक हिस्सा रहा है. बीयर की बोतल पर अगर गांधी की तस्वीर होती है तो गुजरात सरकार और भारत सरकार को इस बारे में कड़ा विरोध दर्ज करना चाहिए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)