भारत से बच्ची गोद ली और फिर हत्या कर दी

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अमरीका में गोद ली हुई तीन साल की बच्ची को जान से मारने के आरोप में पिता को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
यह फ़ैसला अमरीका की एक अदालत ने सुनाया. इससे पूर्व वेसले मैथ्यूज़ ने कोर्ट में स्वीकार किया कि एक चूक की वजह से बच्ची को चोट लग गई थी.
अक्तूबर 2017 में सूचना मिली थी कि शेरिन मैथ्यूज़ टेक्सस स्थित अपने घर से लापता हैं. जिसके बाद उसे खोजने के लिए व्यापक स्तर पर एक अभियान भी चलाया गया था.
मैथ्यूज़ ने पहले कहा था कि वो शेरिन को दूध पिलाने की कोशिश कर रहा था लेकिन वो दूध नहीं पीना चाहती थी, जिसके चलते उसने शेरिन को सज़ा देने के लिए घर से बाहर कर दिया. इसी के बाद से वो लापता थी.
लापता होने के क़रीब दो सप्ताह बाद बच्ची का शव एक नाली के मुहाने पर मिला. मैथ्यूज़ ने कहा कि ग़लती से उसका दम घुट गया और उसकी मौत हो गई.
पुलिस का कहना है कि मामले की पड़ताल के लिए उन्होंने जितनी भी बार मैथ्यूज़ का बयान लिया हर बार उनका बयान बदलता रहा. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वो बार-बार बदल जाते थे.
मंगलवार को जब मैथ्यूज़ को कठघरे मे खड़ा किया गया तो उन्होंने दावा किया कि दूध पीने के दौरान शेरिन का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई.
स्थानीय अमरीकी मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ मैथ्यूज़ ने कोर्ट के सामने कहा कि दूध पिलाने के दौरान जब ऐसा हुआ तो उसने बहुत आराम से उसको सहलाने की कोशिश की ताकि वो ठीक हो जाए लेकिन कुछ भी असर नहीं हुआ. कुछ ही देर बाद उसका सिर एक जगह टिकना बंद हो गया और लुढकने लग गया और फिर...
लेकिन अभियोजक शेरी थॉमस ने दलील दी कि मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन साल के बच्चे के लिहाज़ ऐसा होना नामुमकिन है. ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई तीन साल का बच्चा खड़ा होकर दूध पी रहा हो और उसका दम घुट जाए. जिसके चलते उसकी मौत तक हो जाए..
उन्होंने कहा कि मैथ्यूज़ ने अक्तूबर 2017 में शेरिन को मार डाला. मैथ्यूज़ और उनकी पत्नी ने क़रीब एक साल पहले ही साल 2016 में शेरिन को भारत से गोद लिया था.
शेरी थॉमस का कहना है, "इसका मतलब ये हुआ कि उन्होंने एक छोटी बच्ची को मार डाला. और जब उन्होंने उसे मारा वो घबरा गए. उन्होंने अपने अपराध को छिपाया और वो उससे दूर भाग गए."
वहीं बचाव पक्ष के वक़ील का कहना था कि मैथ्यूज़ एक अच्छे पिता थे. जब शेरिन का दम घुटने लगा तो वो परेशान हो गए और वो मदद नहीं मांग पाए.
उन्होंने इस फ़ैसले को क्रूर और असामान्य सज़ा बताया है.

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वहीं दूसरी ओर मैथ्यूज़ की पत्नी सिनी मैथ्यूज़ पर बच्चे को लापरवाही से छोड़ने का आरोप लगा था लेकिन सबूतों के अभाव में इस साल की शुरुआत में उनका केस ख़ारिज कर दिया गया.
शेरिन की गुमशुदगी की रिपोर्ट के कुछ दिन बाद ही इस दंपत्ति की जैविक संतान को भी उनकी कस्टडी से दूर कर दिया गया. पहले उसे एक पालक-गृह में भेजा गया था लेकिन अब उसे रिश्तेदारों के पास भेज दिया गया है.
इस मामले के सामने आने के आने के बाद से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि भारत सरकार होल्ट इंटरनेशनल नाम की अडॉप्शन एजेंसी (ऐसी एजेंसी जो बच्चों को गोद लेने में मदद करती हैं) को औपचारिक रूप से निलंबित ना कर दे.
यह वहीं एजेंसी है जिससे मैथ्यूज़ दंपत्ति ने बच्ची को गोद लिया था. संस्था पर दंपत्ति का सही मूल्यांकन नहीं करने का आरोप है.
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