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कौन हैं फ़रार सांसद अतुल राय, शपथ लेने नहीं पहुंचे पर फ़ेसबुक पर सक्रिय
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को 17वीं लोकसभा के निर्वाचित सांसदों ने संसद भवन में शपथ ली लेकिन उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से बसपा सांसद अतुल राय शपथ लेने नहीं पहुंचे.
अतुल राय बलात्कार के एक मामले में अभियुक्त हैं और महीने भर से फ़रार हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक उन्हें खोज नहीं सकी है लेकिन वह फ़ेसबुक पर अपने वीडियोज़ पोस्ट करते रहे हैं.
उन्होंने अब तक सरेंडर नहीं किया है हालांकि अग्रिम ज़मानत की उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट भी ख़ारिज़ कर चुका है. मई में उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था. इसलिए वह ठीक से चुनाव प्रचार भी नहीं कर सके, न ही मतदान और नतीजों के दिन दिखाई दिए. इसके बावजूद उन्हें बड़े अंतर से जीत मिली है. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार हरिनारायण राजभर को एक लाख 22 हज़ार मतों से हराया.
इस बीच पुलिस प्रशासन भी उन्हें खोज नहीं पाया है लेकिन चुनाव जीतने के बाद 24 मई को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर जीत के लिए मतदाताओं को शुक्रिया कहना वह नहीं भूले.
उन्होंने फ़ेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें वह कहते नज़र आ रहे हैं, "जनता की अदालत से बड़ी कोई अदालत नहीं होती और जनता की अदालत ने अपने इस बेटे को, अपने इस भाई को निर्दोष साबित किया, इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद मैं आपका अदा करता हूं."
उन्होंने मतदाताओं से वादा किया कि वे जल्द उनके सामने हाज़िर होंगे.
अतुल राय अपना प्रचार नहीं कर सके थे लेकिन 15 मई को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने घोसी में रैली करके उनके लिए वोट मांगे थे. मायावती ने कहा था कि उनके उम्मीदवारों को बदनाम करने के लिए भाजपा साज़िश रच रही है.
बलिया की एक महिला ने अतुल राय पर अपने घर में उनसे बलात्कार करने का आरोप लगाया है. इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए. ज़मानत के लिए वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन ज़मानत नहीं मिली. अतुल राय के ख़िलाफ़ लुक आउट नोटिस जारी हुआ है और देश भर के हवाई अड्डों पर इस संबंध में अलर्ट जारी किया गया है.
इससे पहले 20 मई को उन्होंने फ़ेसबुक पर एक और वीडियो पोस्ट किया था. इसमें अतुल राय ने कहा था, "जांच में वो युवती मेरा घर तक नहीं दिखा पाई. वो यह तक नहीं दिखा पाई कि किस अपार्टमेंट में मेरा फ्लैट है."
उत्तर प्रदेश के 2017 विधानसभा चुनाव से पहले अतुल राय बसपा में शामिल हो गए थे. उन्हें जमानियां विधानसभा से टिकट दिया गया लेकिन वह भाजपा उम्मीदवार से हार गए.
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