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जय श्रीराम के नारे से फिर भड़कीं ममता, सात हिरासत में
- Author, प्रभाकर एम
- पदनाम, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए
पश्चिम बंगाल में पुलिस ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी के काफिले के सामने जय श्रीराम का नारा लगाने के आरोप में कम से कम सात लोगों को हिरासत में लिया है.
इनमें से दो युवकों को मुख्यमंत्री का काफिला रोकने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
जगद्दल थाने के एक अधिकारी ने बताया, "दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. बाकियों से भी पूछताछ के बाद उनके बारे में फ़ैसला किया जाएगा."
यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब ममता बनर्जी तृणमूल के एक धरना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर 24-परगना ज़िले के नैहाटी जा रही थीं. इससे पहले मेदिनीपुर ज़िले में भी ममता के काफिले के गुजरते समय जय श्रीराम का नारा लगाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
ममता के नैहाटी जाते समय भाटपाड़ा के पास काकीनाड़ा जूट मिल के सामने सड़क के किनारे जुटे बीजेपी समर्थकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए. इससे भड़कीं ममता ने फौरन अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलीं.
सोशल मीडिया में जो वीडियो चल रहा है उसमें मीडिया को लोगों पर गुस्सा होते हुए देखा जा सकता है. ममता कह रही हैं, "कौन है क्रिमिनल? सामने आए." उन्होंने अपने साथ के अधिकारियों को उन तमाम लोगों के नाम-पते लिखने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा, "आपलोग दूसरे राज्य से यहां आते और रहते हैं और जय श्रीराम का नारा लगाते हैं. मैं सबकुछ बंद कर दूंगी."
गुस्से में ममता
मुख्यमंत्री ने पुलिस से नारे लगाने वालो के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा. ममता का चेहरा पूरी तरह तमतमाया हुआ था. उन्होंने नारे लगाने वालों की चमड़ी उधेड़ देने की धमकी देते हुए कहा कि वे बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगी.
नारे लगाने वालों को डांटने के बाद ममता जैसे ही कार में चढ़ने लगीं उसी समय कुछ लोगों ने फिर जय श्री राम के नारे लगाए.
इससे उत्तेजित ममता दोबारा नीचे उतरीं और कहने लगी कि जिसने नारा लगाया है हिम्मत है तो वह सामने आए. कुछ देर तक डांटने और धमकाने के बाद ममता का काफिला आगे रवाना हो गया.
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लेकिन उस समय भी इलाके में जय श्रीराम के नारे लग रहे थे. ऐहतियात के तौर पर ममता की वापसी के लिए अधिकारियों ने दूसरा रास्ता चुना था. लेकिन वापसी में भी युवकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए. इस बार ममता कार से तो नहीं उतरीं, लेकिन वहीं से नारे लगाने वालों को चुनौती दी.
'जय बांग्ला, जय हिंद'
ममता का कहना था, "मेरा स्लोगन जय बांग्ला और जय हिंद है. मैं बाहरी संस्कृति के जरिए खुद पर हमले बर्दाश्त नहीं करूंगी."
बाद में नैहाटी के सत्याग्रह मंच पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी इलाक़े में हिंसा रोकने की चेतावनी थी. ममता ने कहा कि वह अब अक्सर इस इलाके का दौरा करेंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बाहरी राज्यों से लोगों को लाकर हिंसा कर रही है.
ध्यान रहे कि बैरकपुर संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार अर्जुन सिंह की जीत के बाद से ही पूरा इलाका हिंसा की चपेट में है.
ज़िले की भाटपाड़ा सीट से चार बार टीएमसी विधायक रहे अर्जुन सिंह ने लोकसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था. उन्होंने तृणमूल उम्मीदवार और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को हरा कर यह सीट जीती है.
वैसे, इससे पहले मई के पहले सप्ताह में मेदिनीपुर के दौरे से लौटते समय भी यह नारा सुन कर ममता काफी नाराज हो गई थीं और उन्होंने अपने काफिला रुकवा कर नारे लगाने वालों को भला-बुरा कहा था.
उसके बाद पुलिस ने वहां तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने भी अपनी चुनावी रैलियों में इस मुद्दे को उठाते हुए ममता को चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत हैं तो वह हमें गिरफ्तार करके दिखाएं.
इसबीच, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को कहा, "लोकसभा चुनावों में पराजय से ममता हताश हो गई हैं, इसीलिए जय श्रीराम का नारा सुनते ही वह उत्तेजित होकर लोगों को धमकाने लगती हैं और उनके निर्देश पर पुलिस बेकसूर युवकों को गिरफ्तार कर रही है. लोकतंत्र से ममता भरोसा उठ गया है."
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