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फणी तूफ़ान का क़हर तस्वीरों में
चक्रवाती तूफ़ान फणी शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे के क़रीब ओडिशा के तट से टकराया. इस दौरान तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई. इसके कारण अब तक तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है.
ओडिशा में जिस समय तूफ़ान पहुंचा उस समय इसकी रफ़्तार 165 से 175 किलोमीटर प्रतिघंटा थी और अभी भी इसकी रफ़्तार 130 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटा बनी हुई है.
तूफ़ान के कारण जगह-जगह पेड़ और खंभे उखड़ गए हैं लेकिन अभी तक किसी बड़ी जान-माल की हानि की ख़बर नहीं है.
अब यह तूफ़ान उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा में बढ़ रहा है.
उत्तर और उत्तर पूर्व दिशा में बढ़ते हुए यह तूफ़ान सुबह तक पश्चिम बंगाल के तट पर दस्तक देगा.
तूफ़ान का भुवनेश्वर में धीमा होने के बाद राहत कार्य भी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी भी मौसम विज्ञानियों ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है.
फणी तूफ़ान के कारण ओडिशा के 15 ज़िलों के प्रभावित होने की आशंका है. इसके साथ ही भुवनेश्वर के एम्स अस्पताल को भी नुक़सान हुआ है.
समाचार एजेंसी एएनआई से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि एम्स भुवनेश्वर को काफ़ी नुक़सान हुआ है लेकिन मरीज़, छात्र और स्टाफ़ सुरक्षित हैं.
ओडिशा के पुरी और भुवनेश्वर में तूफ़ान के कारण दूरसंचार नेटवर्क में दिक्कतें आ रही हैं. साथ ही एक से तीन मई तक के लिए 147 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है.
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 10 ट्रेनों को रद्द भी किया है.
भारतीय नौसेना ने अपने पी-8आई और डोर्नियर विमानों को हवाई सर्वे के लिए तैयार किया है जिससे जान-माल की हानि का अंदाज़ा लगाया जाएगा.
साथ ही भारतीय विमानन प्राधिकरण ने भुवनेश्वर और कोलकाता एयरपोर्ट से आज तीन बजे से कल सुबह आठ बजे तक सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है.
ओडिशा से निकलकर यह तूफ़ान शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल के तट पर पहुंचेगा जहां इसके धीमे होने की संभावना है. उसके बाद यह फणी बांग्लादेश की ओर बढ़ जाएगा.
बांग्लादेश में यह तूफ़ान रविवार शाम तक पहुंच सकता है.
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