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सनी देओल: बेताब से बीजेपी तक, कहां से लड़ेंगे चुनाव?
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. दिल्ली में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में उन्होंने सदस्यता ली.
उन्हें सदस्यता ग्रहण करवाते हुए पीयूष गोयल ने कहा, "उन्होंने अपनी फ़िल्मों से हमेशा सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया. ऐसे टेंशन वाले माहौल में देश के युवा-युवतियों को प्रेरणा देने का काम सनी देओल ने फिल्मों के माध्यम से किया है, मुझे विश्वास है कि राजनीतिक जीवन में भी वो ऐसे ही काम करेंगे."
किसी पत्रकार ने जब सनी के चुनाव लड़ने पर सवाल पूछा तो पीयूष गोयल ने कहा कि इस पर फ़ैसला पार्टी करेगी.
'ढाई किलो वाला भाषण'
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच संभाल रहे शख़्स ने सनी देओल से अनुरोध किया, "वैसे तो सनी जी बोलने में कम, करने में अधिक विश्वास रखते हैं पर मैं फिर भी उनसे अनुरोध करूंगा कि वो अपना ढाई किलो वाला भाषण दें."
इसके बाद सनी देओल ने संक्षेप में बस इतना कहा, "जिस तरह मेरे पापा, इस परिवार के साथ, अटलजी के साथ जुड़े थे, आज मैं यहां मोदी जी के साथ जुड़ने आया हूं. उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है और मैं चाहता हूं कि वो बने रहें क्योंकि हमारे नौजवानों को मोदी जैसे लोगों की ज़रूरत है."
कयास लगाए जा रहे हैं कि कि सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. यहां से अभिनेता विनोद खन्ना चुनाव लड़ा करते थे. लेकिन उनके निधन के बाद 2017 में हुए उपचुनावों कांग्रेस के सुनील जाखड़ यहां से जीत गए थे.
सनी देओल के पिता अभिनेता धर्मेंद्र भी 2004 से 2009 में राजस्थान के बीकानेर से भाजपा सांसद रहे हैं. उनकी पत्नी हेमा मालिनी मथुरा से सांसद रहीं और फिर वहीं से चुनाव लड़ रही हैं.
धर्मेंद्र हाल ही में हेमा मालिनी के प्रचार के लिए मथुरा भी पहुंचे थे और उन्होंने एक सभा में उन्होंने अपने मशहूर डायलॉग का ज़िक्र करते हुए कहा था, "बसंती को वोट नहीं दिए तो मैं इस गांव की पानी की टंकी पर चढ़ जाऊंगा."
बेताब से शुरू हुआ करियर
सनी देओल अपने समय में बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता रहे हैं. उनकी छवि एक्शन हीरो वाली रही है.
उन्होंने 1982 में फिल्म 'बेताब' से अपना करियर शुरू किया था. 1990 में आई फिल्म 'घायल' से उन्हें काफ़ी लोकप्रियता और पहचान मिली.
दामिनी, गदर, हीरो, अपने उनकी प्रमुख फ़िल्में हैं.
हालांकि बाद के दौर में उनकी फ़िल्मों का बॉक्स ऑफ़िस पर प्रदर्शन ख़ास नहीं रहा था.
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