IT विभाग की छापेमारी पर कमलनाथ ने क्या कहा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आयकर विभाग की छापेमारी को मोदी सरकार की द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताया है.

उन्होंने कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपनी हार सामने नज़र आने लगी है तो इस तरह की कार्रवाई जानबूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिए कर रही है.

"पूरा देश जानता है कि भाजपा सरकार संवैधानिक संस्थाओं का किस तरह इस्तेमाल करती रही है."

आयकर विभाग पिछले दो दिनों से कमलनाथ के क़रीबियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और करोड़ों रुपए की लेनदेन का दावा किया है.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का दावा है कि दिल्ली के तुग़लक़ रोड स्थित एक वीआईपी शख़्स के घर से 20 करोड़ नक़द एक बड़े दल के दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजे गए.

बोर्ड ने सोमवार को देर रात बयान जारी कर कहा कि छापेमारी में 14.6 करोड़ नक़द मिले हैं. इसके अलावा 252 शराब की बोतल, हथियार और शेर के खाल भी ज़ब्त किए गए हैं.

बयान के मुताबिक़ एक बड़े रैकेट के ज़रिए 281 करोड़ के अवैध लेनदेन का पता चला है

आयकर विभाग ने यह छापेमारी दिल्ली-एनसीआर, भोपाल, इंदौर और गोवा के 52 ठिकानों पर की है, जिसमें 300 अधिकारियों को शामिल किया गया है.

कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि सरकार इन संस्थाओं का उपयोग डराने के लिए करती रही है.

उनका कहना है कि जब उनके पास विकास पर, अपने काम पर कुछ कहने और बोलने को नहीं बचता है तो ये विपक्ष के ख़िलाफ़ इस तरह के हथकंडे अपनाती है.

मुख्यमंत्री ने लोगों को लिखे अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि वो केंद्र सरकार की इस तरह की कार्रवाई से नहीं डरते हैं.

उन्होंने लिखा है, "कई राजनैतिक दल और कई राज्य पिछले पांच सालों में इनके द्वारा अपनाए गए हथकंडों के गवाह हैं. हम भी इसके लिए तैयार थे. हर चीज़ की निष्पक्ष जांच हो, इस तरह के हथकंडों से हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है."

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