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एमपी में राम भक्त राहुल और हनुमान भक्त कमलनाथ
- Author, शुरैह नियाज़ी
- पदनाम, भोपाल से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी की शुक्रवार की सभा से पहले लगे पोस्टर ने विवाद पैदा कर दिया है.
इस पोस्टर में राहुल गांधी को राम भक्त बताते हुये लिखा है कि वह अयोध्या में सर्वसम्मति से भव्य राम मंदिर बनवायेंगे.
मध्यप्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों के एक सम्मेलन को संबोधित करने के लिये आ रहे हैं.
माना जा रहा है कि इस सम्मेलन के ज़रिये राहुल गांधी प्रदेश में लोकसभा चुनाव की मुहिम की शुरुआत करेंगे.
पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिये 2 लाख लोगों का लक्ष्य रखा है. यही वजह है कि पार्टी का हर नेता इसे कामयाब बनाने के लिये ऐड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहा है. पूरा शहर पोस्टर और होर्डिंग से पटा पड़ा है.
लेकिन, कांग्रेस नेता महेश मकवाना के पोस्टर ने सभी का ध्यान खींचा है जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण राहुल गांधी ही करेंगे.
कांग्रेस ने किया अलग
महेश मकवाना ने बताया, "हमें यह विश्वास है कि राहुल गांधी जी ही राम मंदिर का निर्माण करवायेंगे और यह निर्माण वह सर्वसम्मति से करेंगे. इसलिये उनके स्वागत के लिये यह पोस्टर लगाया गया है."
वही कांग्रेस पार्टी ने अपने आप को इस पोस्टर से अलग कर लिया है.
पार्टी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, "उनके स्वागत के लिये पूरी पार्टी लगी हुई है. हर कोई अपनी तरह से उनका स्वागत करना चाह रहा है. यही वजह है कि कुछ उत्साही कार्यक्रताओं ने इसे लगा दिया है."
ख़ास बात यह है कि प्रदेश में जब विधानसभा चुनाव हो रहे थे तो पार्टी ने राहुल गांधी को शिव भक्त के तौर पर प्रचारित किया था. लेकिन, अब इस पोस्टर में उन्हें राम भक्त बताया जा रहा है.
दोनों दलों में बहुत ज़्यादा फ़र्क नहीं
वहीं, भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, "इस पोस्टर से कुछ भी साबित नहीं होता है. अगर सही में कांग्रेस राम मंदिर को लेकर गंभीर है तो वह उसे बनाने का प्रयास करे और उनसे जुड़े वक़ीलों से कहे कि वह सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में अड़ंगा न डाले."
राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई का मानना है कि इस मामले में कांग्रेस और भाजपा में सिर्फ इतना फ़र्क है कि कांग्रेस अदालत के फैसले के बाद राम मंदिर बनवाने की बात करती है जबकि भाजपा इसे आस्था का मुद्दा मानती है.
वो कहते हैं, "यह वही प्रदेश है जहां पर कांग्रेस कार्यालय में गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है और सभी कर्मकांड किये जाते हैं. इसलिये कांग्रेस और भाजपा में बहुत ज़्यादा फ़र्क है, यह कहना ग़लत होगा. पार्टी लोकसभा चुनाव के लिये तैयार है और उसे इस तरह की चीज़ों से परहेज़ नहीं है."
मध्यप्रदेश में पिछले चार दिनों में पांच लोगों पर रासुका के तहत कारवाई की गई है. तीन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने गौवध किया है तो दो लोगों पर अवैध रुप से उन्हें ले जाने का आरोप है. यह बताता है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के आने के बाद स्थिती ज़्यादा नहीं बदली है.
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