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मोदी: विजय माल्या के क़र्ज़ से ज़्यादा संपत्ति ज़ब्त की है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश से नीरव मोदी और विजय माल्या इसलिए भागे क्योंकि सरकार ने कड़े क़ानून बनाए थे.
भारतीय समाचार चैनल रिपब्लिक भारत को दिए इंटरव्यू मे नरेंद्र मोदी ने कहा, ''जब मेरी सरकार बनी और देश की आर्थिक स्थिति मेरे सामने आई तो मेरे पास दो विकल्प थे. पहला विकल्प यह था कि मैं देश को सच्चाई बताऊं कि इन लोगों ने कितने पैसे बनाए.''
''दूसरा विकल्प यह था कि मैं देश हित में स्थिति संभालने की कोशिश करूं, सब कुछ पटरी पर लाऊं. मैंने स्वार्थी राजनीति का रास्ता नहीं चुना. मैंने सोचा मोदी की बदनामी होती है तो हो जाए. ये हमारे एक्शन थे जिसके कारण ये लोग भागे. फिर हमने क़ानून बनाया कि दुनिया के किसी भी कोने में उनकी संपत्ति क़ब्ज़े में की जा सकती है.''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमने विजय माल्या के क़र्ज़ से तो ज़्यादा संपत्ति ज़ब्त की. माल्या का क़र्ज़ तो 9 हज़ार करोड़ था लेकिन हमारी सरकार ने दुनिया भर में उनकी 14 हज़ार करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की. पहले भी लोग भागते थे और सरकारें नाम तक नहीं बताती थीं. हमने तो क़दम उठाए इसलिए भागना पड़ रहा है.''
पाकिस्तान के ट्रैप में नहीं फंसना चाहता
विपक्ष के लोग हमारी मंशा पर सवाल उठा रहे थे. लेकिन अभिनंदन पर विपक्ष की राजनीति धरी की धरी रह गई.
पाकिस्तान के रवैये पर उन्होंने कहा, ''जब-जब ऐसी घटनाएं हुई हैं, मैंने पाक से बात की है. हर बार वो कहते हैं कि मदद करेंगे लेकिन होता कुछ नहीं है. अब मैं पाक के ट्रैप में फंसना नहीं चाहता.''
''भारत ने पाकिस्तान को इंटरपोल रेड कॉर्नर के भगोड़ों की लिस्ट दी है. आप क्यों उन्हें नहीं सौंपते. आप 26/11 पर कोई एक्शन नहीं लेते. मेरा पाक से झगड़ा नहीं है लेकिन मेरी लड़ाई आतंकवाद से है.''
मैंने इमरान ख़ान की जीत पर उन्हें फ़ोन करके कहा था कि आओ आतंकवाद पर मिलकर काम करें. मैं पीएम इमरान ख़ान से अपील करता हूं आतंकवाद छोड़ दो भले इसके बाद हमारा मुंह मत देखो.
चौकीदार पर बोले मोदी
प्रधानमंत्री ने अपने चुनावी कैंपेन 'मैं भी चौकीदार' पर कहा, ''मैं गुजरात का सीएम रहा लेकिन आपने मेरे परिवार और चायवाले होने की बात नहीं सुनी होगी. जब मैं पीएम पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया तो लोगों ने मेरे बचपन को खोजना शुरू किया. लोगों ने इनाम तक घोषित किए कि मोदी की हाथ की चाय पी है तो आओ हम इतना इनाम देंगे.''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''फिर जब ये मुद्दा बनाया गया तो मैंने बोला कि मैं हूं चाय वाला. चौकीदार मैंने ख़ुद अपने लिए बोला था. चौकीदार का मतलब टोपी सीटी नहीं होता ये एक स्पिरिट है. मैं इस स्पिरिट को लेकर चल रहा था. जब उसे लेकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग हुआ तो मैंने सोचा कि जिस बात के लिए लोग मुझे गाली दे रहे हैं मैं हूं वो.''
मोदी ने कहा, ''एक कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी के पास 250 जोड़ी कपड़े हैं. उस दिन मैं एक पब्लिक मीटिंग में जा रहा था. मैंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं इस आरोप को स्वीकर करता हूं. आपने सुना होगा कि लोग भ्रष्टाचार करते हैं आप तय करिए कि आपको 250 करोड़ का ग़बन करने वाला पीएम चाहिए या 250 कपड़ों वाला. सारी जनता खड़ी हो गई और अगले दिन से कांग्रेस के आरोप बंद हो गए.''
पारदर्शिता विपक्ष को नहीं पच रही
रफ़ाल सौदे पर उठते सवाल को लेकर उन्होंने कहा, ''हमारे देश में रक्षा सौदा पुरानी सरकारों का एटीएम रहा है. वे सोच ही नहीं सकते कि पारदर्शिता के साथ रक्षा सौदा हो सकता है. जब तक उनका फ़ायदा नहीं होता तब तक वो देश के बारे में नहीं सोचते थे. हम ईमानदारी के साथ देश की सेना को सशक्त बनाने की कोशिश कर रहे हैं और आगे भी जल्दी फ़ैसले करता रहूंगा.''
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