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बिहार: मार खाती बच्ची और गाली बकते बाप के वीडियो की पूरी कहानी
- Author, भूमिका राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
वो कभी उसे थप्पड़ मारता है, कभी उसके कंधे तक के बालों को मुट्ठी में भींचकर उसका सिर पटक देता. कभी लात मारता है तो कभी अचानक से पटक देता है...
मार खाने वाली बच्ची इस आदमी की पांच साल की बेटी है.
वो लगातार मार खा रही है लेकिन एक बार भी अपने घावों को सहला नहीं रही. उसके मुंह से एक बार भी आह... नहीं सुनने को मिलता.
एक बार भी वो अपने थप्पड़ खाए गाल को नहीं सहलाती है...
उसके नन्हे हाथ दिमाग का कहा मान रहे हैं और दिमाग कह रहा है, माफ़ी मांग लो. कैसे भी करके बस माफ़ी मांग लो ताकि सामने वाले को तुम पर तरस आ जाए और वो तुम्हें बस इतना ही मारकर छोड़ दे.
माफ़ी...क्योंकि तुमने जन्मदिन पर केक काटने की ख़्वाहिश रखी. माफ़ी क्योंकि तुमने अपने लिए जन्मदिन पर साइकिल मांग ली.
पटना के कंकड़बाग का वायरल वीडियो शायद आपने भी देखा होगा. वीडियो वायरल हुआ और कंकड़बाग पुलिस ने इस शख़्स को तुरंत हिरासत में ले लिया.
पटना की एसएसपी गरिमा मलिक ने बीबीसी को बताया कि "पिता को हिरासत में ले लिया गया है और बच्ची बाल कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है. बच्ची की मां को बुला लिया गया है. वो एक बार आ जाए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी".
नैना ने बताया कि बच्ची को उनके हवाले कर दिया गया है. बाल संरक्षण आयोग ने शुक्रवार को बच्ची को उन्हें सौंप दिया है.
यह पूछे जाने पर कि क्या आयोग ने उनके पति को बच्ची से मिलने का इजाज़त भी दी है, नैना ने इससे इनकार किया
कहां से आया वीडियो और कैसे वायरल हो गया?
इस बच्ची का नाम जयश्री है. पिता का नाम कृष्णा मुक्तिबोध है.
दो दिन पहले ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो को सोशल मीडिया पर जयश्री की मां नैना कुमारी ने शेयर किया. तो क्या नैना वहां मौजूद थीं? अगर वो वहीं थीं तो उन्होंने अपनी बेटी को बचाया क्यों नहीं?
दरअसल, नैना अपने पति के साथ नहीं रहती हैं. वो रांची में रहती हैं. वहीं नौकरी करती हैं. अपनी दो और बेटियों के साथ.
जिस समय हमने नैना से बात करने की कोशिश की वो रांची से पटना आ रही थीं. पुलिस के बुलावे पर, अपनी बेटी को अपने साथ ले जाने के लिए.
बस में बैठी नैना से जैसे ही हमने पूछा कि पूरा मामला क्या है. वो रो पड़ीं. फिर खुद को संभालते हुए बोलीं, "पहले ही हिम्मत कर लेते, रिश्तेदार-समाज का नहीं सोचते तो जो आज हो रहा है वो आठ महीने पहले हो जाता. हमको मेरी बेटी आठ महीने पहले मिल जाती.
क्या है पूरा मामला?
नैना और कृष्णा की शादी क़रीब 15 साल पहले हुई थी. दोनों ने प्रेम विवाह किया था. नैना 12वीं पास हैं जबकि कृष्णा मुक्तिबोध पीएचडी. वो कुछ समय तक मगध यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफ़ेसर भी काम कर चुके हैं.
नैना बताती हैं "हम दोनों ने आपसी रज़ामंदी से शादी की थी लेकिन शादी के कुछ वक़्त बाद ही कृष्णा का व्यवहार बदल गया. वो बहुत अधिक शराब पीने लगा और रोज़ शराब के नशे में मारपीट करता था."
नैना कहती हैं कि अगर आप इस वीडियो को देखकर दहल गईं तो मैं तो अपने बारे में न ही बताऊं. आप सुन भी नहीं पाएंगी.
वो कहती हैं "मैं 15 साल तक मार खाती रही. जब मेरी शादी हुई मेरी उम्र 16 साल थी. 15 साल तक हम सहते रहे लेकिन एक दिन मेरे सब्र ने जवाब दे दिया."
क़रीब आठ महीने पहले नैना अपने मायके गुवाहाटी गई थीं. कृष्णा भी कुछ दिन बाद वहां पहुंच गए और वहां भी दोनों के बीच लड़ाई हुई.
नैना बताती हैं कि गुवाहाटी में भी उन्होंने पुलिस में शिकायत की थी.
"पुलिस और मेरे जीजा जी ने बीच-बचाव किया तो कृष्णा बच्चियों को लेकर पटना आ गया. हम उसके साथ नहीं आए. कुछ दिन बाद उसने फ़ोन किया और माफ़ी मांगी. वादा किया कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, लौट आओ...मैं आ गई. लेकिन हफ़्ता भी नहीं बीता था, तीन दिन बाद ही दोबारा वही सब शुरू हो गया. जिसके बाद मैंने घर छोड़ने का फ़ैसला कर लिया."
उस दिन नैना की दोनों बड़ी बेटियां स्कूल जाने के लिए घर से निकलीं. जयश्री सबसे छोटी है और वो घर पर थी. जैसे ही दोनों बेटियां स्कूल के लिए निकलीं, नैना भी घर से निकल गईं और पटना छोड़कर, गुवाहाटी अपने मायके चली गईं.
कुछ दिन वहां रहने के बाद वो रांची आ गईं और यहीं रहकर काम करने लगीं.
जयश्री, पटना में ही रह गई थी. अपने पिता के पास.
नैना बताती हैं उन्हें घर छोड़े आठ महीने हो गए हैं. इस दौरान कृष्णा उन्हें कुछ-कुछ दिनों में इस तरह के वीडियो भेजा करता था. और मैसेज करता था कि अगर वो वापस नहीं लौटी तो वो जयश्री को इसी तरह मारता रहेगा.
नैना पछतावा ज़ाहिर करते हुए कहती हैं कि अगर वो पहले ही इन वीडियो को फ़ेसबुक पर डाल देंती तो शायद उनकी बेटी इतने लंबे वक़्त तक मार नहीं खाती.
तो क्या नैना ने उसे लाने के लिए कोशिश नहीं की?
इस सवाल के जवाब में नैना कहती हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है कि जिस मार से बचकर मैं भागी हूं, वही मार खाने के लिए मैं अपनी बेटी को छोड़ दूं.
मैं अपनी बेटी को लेने के लिए गई थी, लेकिन बेटी को वापस नहीं ला सकी.
नैना पुलिस पर भी आरोप लगाती हैं. वो कहती हैं "पुलिस से भी मदद मांगी थी. महिला पुलिस स्टेशन गए थे लेकिन उन लोगों ने मुझे ही समझाना शुरू कर दिया. मुझे ही कहा जाने लगा कि पति के पास लौट आओ..."
हालांकि कंकड़बाग पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर इस बात को ग़लत बताते हैं. उनका कहना है कि उनकी जानकारी में ऐसा कुछ भी नहीं है.
वीडियो वायरल होने के बाद से वही इस मामले को भी देख रहे हैं.
लेकिन कृष्णा इन आरोपों को ग़लत बताते हैं
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उसके चार घंटे बाद ही पुलिस ने कृष्णा को हिरासत में ले लिया.
कंकड़बाग के पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि जिस समय कृष्णा को हिरासत में लिया गया वो नशे में थे. सोशल मीडिया पर कृष्णा का भी एक वीडियो मौजूद है. जिसमें वो कह रहे हैं कि उन्होंने इससे पहले कभी भी अपनी बेटी को नहीं मारा. ये पहला मौका था जब हाथ उठाया लेकिन बच्ची को मारने के दौरान वो ख़ुद ही कह रहे हैं कि मार-मारकर उन्होंने उसके शरीर को नीला कर दिया है. अभी तक कृष्णा की ओर से कोई हाज़िर नहीं हुआ है. उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है और मां बिहार में ही एक गांव में रहती हैं.
वो यूनिवर्सिटी की नौकरी छोड़ चुके हैं और फिलहाल किराए पर चढ़े घरों से जो किराया आता है, उसी से ख़र्च चलाते हैं.
जयश्री को अंदाज़ा भी नहीं क्या हुआ क्या हो रहा है
पापा हमसे ग़लती हो गई...
हम अपना क़सम खाते हैं कि कभी भी जन्मदिन मनाने के लिए नहीं कहेंगे
हम साइकिल नहीं मांगेंगे
हमको माफ़ कर दीजिए...
प्लीज़ हमको माफ़ कर दीजिए
बहती आंखों से हाथ जोड़कर माफ़ी मांगने वाली जयश्री से जब पुलिस ने पूछा कि क्या उसके पिता उसे मारते थे, तो उसने ऐसा कुछ भी नहीं कहा.
एसएसपी गरिमा मलिक कहती हैं "हमने उससे ज्यादा कुछ पूछना सही नहीं समझा. जब हमने उससे पूछा कि क्या उसे कुछ चाहिए तो उसने कहा कि उसे केक खाना है."
" वो भूल चुकी थी कि उसे मार पड़ी है और कुछ देर पहले वो सिसक रही थी. वो सब कुछ भूल चुकी है."
गरिमा बताती हैं कि जयश्री को बाल कल्याण विभाग के पास भेज दिया गया है, जहां से नैना उसे सारी कार्रवाई पूरी करके अपने साथ ले जा सकती हैं.
नैना रात क़रीब 12 बजे रांची से पटना पहुंची. वो कहती हैं "पूरे रास्ते उसकी सिसकी कान में शीशा बनकर पिघल रही थी. वीडियो हम डिलीट कर दिए थे लेकिन मेरी बेटी है, उसका एक एक रोआं पहचानते है...कितना तक़लीफ़ उठाई मेरी बेटी. छोटा सी तो है. छोटा-छोटा हाथ पैर है.."
पर नैना, कृष्णा से तलाक़ नहीं लेना चाहतीं...बस अलग रहना चाहती हैं.
वो कहती हैं "वहां चले गए तो मार खा-खाकर मर जाएंगे और तलाक़ दे देंगे तो समाज हमको और हमारी बेटियों को मार डालेगा. दुनिया एतना अच्छा नहीं है. नाम का साया बड़ा चीज़ है."
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