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गोवा में कांग्रेस ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
भारत में लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच गोवा में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है.
कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
कांग्रेस ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को अल्पमत में बताते हुए इसे तुरंत भंग करने की मांग की है.
इस चिट्ठी में राज्यपाल से कहा है कि राज्य की इकलौती सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण कांग्रेस को सरकार बनाने का न्योता दिया जाए.
कांग्रेस ने ख़त मे यह भी लिखा है, "गोवा को राष्ट्रपति शासन के आधीन लाने की किसी भी तरह की कोशिश अवैध होगी और इसे चुनौती दी जाएगी."
क्या है चिट्ठी में
गोवा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत बाबू कावलेकर की ओर से राज्यपाल मृदुला सिन्हा को लिखी चिट्ठी का विषय है- सरकार बनाने का दावा.
राज्यपाल को भेजी गई इस चिट्ठी में चार बिंदुओं में बात रखी गई है. पहले बिंदु में लिखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक फ्रांसिस डीसूज़ा के निधन के बाद राज्य में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में चल रही सरकार ने विश्वास मत खो दिया है.
आगे लिखा है, "हमें लगता है कि बीजेपी की संख्या और कम हो सकती है, ऐसे में अल्पमत में आई सरकार को जारी नहीं रखना चाहिए."
दूसरे बिंदु में कहा गया है कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और अभी बहुमत में है और इसे सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए.
तीसरे पॉइंट में चेताया गया है कि संविधान को दरकिनार करते हुए सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के बजाय राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश करना अलोकतांत्रिक होगा और इसे चुनौती दी जाएगी.
आख़िर में लिखा गया है कि 'इसलिए हम राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं और मांग करते हैं कि मौजूदा बीजेपी सरकार को भंग करके हमें सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए.'
क्या है स्थिति
गोवा में अभी कांग्रेस के पास सबसे ज़्यादा 14 सीटें हैं. 40 सीटों वाली गोवा विधानसभा में अभी 37 सदस्य हैं, 3 सीटें खाली हैं.
सत्ताधारी बीजेपी के पास 13 सीटें हैं. उसे तीन-तीन सीटों वाली गोवा फ़ॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का समर्थन हासिल है.
एनसीपी के पास एक सीट है जबकि तीन अन्य निर्दलीय विधायक बीजेपी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं.
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