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तमिलनाडु: कोयंबटूर में यौन उत्पीड़न कर वीडियो बनाने वाला यह गैंग
एक लड़की रो रही है. चीख रही है. वो अपने 'बॉयफ़्रेंड' और उसके दोस्तों से यौन उत्पीड़न नहीं करने के लिए गिड़गिड़ा रही है.
हाल के दिनों में ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फ़ैला है और भारत के दक्षिण भारतीय राज्यों में बड़ी ख़बर बन गया. घटना तमिलनाडु के कोयंबटूर ज़िले के पोल्लाची शहर की है.
इस पूरे वाक़ये में चार अभियुक्तों के नाम सामने आए हैं- वसंत कुमार, सबरीश, सतीश और तिरुनावकरसु. तिरुनावकरसु को तमिलनाडु की मीडिया में मुख्य अभियुक्त बताया जा रहा है. चारों अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
ये चारों पोल्लाची शहर से ही ताल्लुक रखते हैं. इन पर आरोप है कि ये सोशल मीडिया के ज़रिए लड़कियों से दोस्ती करके उन्हें सुनसान जगह पर ले जाते थे और उनके यौन उत्पीड़न का वीडियो बनाते थे. बाद में वो लड़कियों को इस वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी करते थे.
पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद उसके भाई ने पोल्लाची पुलिस स्टेशन में मामले की शिक़ायत दर्ज कराई थी.
बीते 24 फ़रवरी को पुलिस ने केस दर्ज किया और 28 फ़रवरी को पुलिस ने तीन अभियुक्तों वसंत, सबरीश और सतीश को गिरफ़्तार कर लिया. हालांकि मुख्य अभियुक्त तिरुनावकरसु पुलिस की नज़रों से बचता रहा लेकिन आख़िरकार पांच मार्च को उसे भी गिरफ़्तार कर लिया गया.
चारों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आईपीसी की प्रासंगिक धाराओं समेत आईटी एक्ट, 2000 और तमिलनाडु महिला उत्पीड़न एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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पीड़िता के भाई पर हमला
मामले की शिक़ायत दर्ज कराने के बाद पीड़िता के भाई को कुछ लोगों के गिरोह ने धमकी दी और उस पर हमला किया. हमला करने वालों में से तीन युवकों वसंत कुमार, सेंतिल और नागराज को भी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
कई लोगों का आरोप है कि हमलावरों में से एक नागराज तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके से ताल्लुक रखता है इसलिए पार्टी इस मामले में दखल दे रही है.
ये विवाद उठने के बाद एआईएडीएमके मुख्यालय की ओर से सोमवार को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके बताया गया कि नागराज का नाम पार्टी से हटा लिया गया है.
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पुलिस क्या कह रही है?
कोयंबटूर के डीएसपी पंड्याराजन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई दख़ल नहीं दे रही है.
पुलिस का कहना है उन्होंने अभियुक्तों के पास से चार मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किए हैं जिनमें चार लड़कियों के वीडियो हैं.
वीडियो में दिख रही दो लड़कियों की पहचान की जा चुकी है और बाकी दो की पहचान होनी बाकी है. पुलिस के मुताबिक़ जैसे ही बाक़ी दो लड़कियों की पहचान हो जाती है तो उनके बयान लेने की कोशिश करेगी और इसके बाद मामले में गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि अगर कोई ऐसी पीड़िता है तो वो उनसे संपर्क करे. पुलिस ने पीड़िताओं की निजता और संपर्क गोपनीय रखने का वादा किया है.
पुलिस ने कहा, "प्रमुख अभियुक्त तिरुनावकरसु कॉलेज के दिनों से ही ऐसा बर्ताव कर रहा है लेकिन पुलिस अभी ये नहीं बता पाई कि उसने अब तक कुल कितनी लड़कियों का उत्पीड़न किया."
कई लड़कियों की आत्महत्या की वजह हैं ये वीडियो?
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमन असोसिएशन ने पोल्लाची इलाक़े में साल 2012 से हुई लड़कियों की आत्महत्या के मामलों की फिर से जांच कराने की मांग की है.
पुलिस अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि वो 2012 से अब तक हुए लड़कियों के ख़ुदकुशी के मामलों की फिर से पड़ताल करेंगे और ये जानने की कोशिश करेंगे कि कहीं उन्होंने ऐसे वीडियो की वजह से तो अपनी जान नहीं ले ली.
पुलिस का कहना है कि अगर ऐसा पाया गया तो अभियुक्तों की सज़ा और ज़्यादा कड़ी हो जाएगी.
बताया जा रहा है कि तिरुनावकरसु अपनी कुछ महिला मित्रों की वजह से इतने दिनों तक पुलिस से बचा रहा. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने उन महिलाओं की पहचान सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है.
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पुलिस ने ज़ाहिर कर दी थी पीड़िता की पहचान
पुलिस ने ये भी कहा है कि चूंकि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इससे पीड़िता के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. इसके मद्देनज़र ये वीडियो शेयर करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है.
पुलिस ने मीडिया से शुरुआती बातचीत में पीड़ता की पहचान ज़ाहिर कर दी थी हालांकि बाद में उन्होंने इस पर अफ़सोस जताया.
तमिलनाडु में ये एक बड़ा मुद्दा बन चुका है और कई राजनीतिक पार्टियां सरकार पर इस मामले में सख़्त क़दम उठाने का दबाव बना रही हैं. घटना से पूरे राज़्य में ग़ुस्से का माहौल और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
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