You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मोदी सरकार के मंत्री अनंत हेगड़े ने राहुल गांधी से मांगा डीएनए सबूत
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता और मोदी सरकार में कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत हेगड़े एक फिर से अपने बयान के कारण चर्चा में हैं.
इस बार उन्होंने कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी का डीएनए सबूत मांगा है ताकि उन्हें राहुल के वंश का पता चल सके.
हेगड़े उन लोगों पर लाल-पीले हो रहे थे जो बालाकोट में एयर स्ट्राइक के सबूत मांग रहे थे. हेगड़े ने कहा कि सबूत उससे मांगों जो मुसलमान का बेटा है और गांधी का नाम लगा रखा है और ख़ुद को ब्राह्मण कहता है.
रविवार को उत्तर कन्नड़ ज़िले में करवर लोकसभा क्षेत्र के भटकल में एक सभा को संबोधित करते हुए हेगड़े ने कहा था, ''क्या उनसे सबूत मांगा गया? एक मुस्लिम पिता और ईसाई मां से जन्म हुआ. क्या वो सबूत देंगे?'' जब हेगड़े ऐसा बोल रहे थे तो लोगों ने तालियां भी बजाईं.
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी को अनंत हेगड़े ने मुसलमान का बेटा बताया है. पिछले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान भी हेगड़े ने ऐसा ही कहा था. इस बार हेगड़े ने अपने सवाल में डीएनए प्रूफ़ को जोड़ दिया है.
हालांकि कर्नाटक बीजेपी ने हेगड़े के बयान से असहमति जताई है. कर्नाटक बीजेपी का कहना है कि वो इस तरह के बयानों के साथ नहीं है. बीजेपी के महासचिव एन रवि कुमार ने बीबीसी हिन्दी से कहा, ''हमलोग कर्नाटक के मंत्री एचडी रावन्ना के बयान को भी ग़लत मानते हैं और हेगड़े ने जो कहा उससे भी सहमत नहीं हैं.''
रावन्ना ने दो दिन पहले सुमालता के बारे में टिप्पणी की थी. सुमालता कन्नड़ फ़िल्मों के दिवंगत अभिनेता और पूर्व मंत्री एमएच अंबरीश की पत्नी हैं.
सुमालता मांडया से कांग्रेस का टिकट चाहती हैं. रावन्ना ने कहा है कि सुमालता के पति का निधन हुए एक महीना ही हुआ है और वो चुनावी टिकट चाहती हैं.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने भाई एचडी रावन्ना की टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी. कुमारस्वामी को ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि रावन्ना ने माफ़ी मांगने से इनकार कर दिया था.
बीजेपी के एक सीनियर नेता ने बीबीसी हिन्दी से नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ''अतीत में हमलोग पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से कई बार हेगड़े की शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. हेगड़े का आपत्तिजनक बयान थमने का नाम नहीं ले रहा.''
बीजेपी के एक और नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, ''निश्चित तौर पर इस तरह से नहीं बोलना चाहिए. हमलोग ऐसे बयानों की निंदा करते हैं. ऐसे बयानों से पार्टी को फ़ायदा नहीं होने वाला.''
पिछले साल बीजेपी तब असहज हो गई थी जब हेगड़े ने कह दिया था कि बीजेपी को लोगों ने इसलिए चुना है ताकि हम संविधान बदल सकें. हेगड़े के इस बयान को संविधान से आरक्षण की नीति को ख़त्म करने को तौर पर देखा गया था. बीजेपी ने तब भी हेगड़े के बयान से ख़ुद को अलग कर लिया था.
हेगड़े पहली बार लोकसभा के लिए 1996 में चुने गए थे और तब उन्होंने कांग्रेस की दिग्गज नेता मारग्रेट अल्वा को हराया था. 1996 से हेगड़े लगातार सासंद चुने जा रहे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)