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घर ख़रीदना हुआ सस्ता, जीएसटी दरों में राहत
केंद्र सरकार ने निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी की दरों में कटौती की घोषणा की है.
अब सामान्य निर्माणाधीन मकानों पर 5 फ़ीसदी और किफायती श्रेणी के मकानों पर 1 फ़ीसदी जीएसटी लगेगा.
पहले सामान्य घर और किफायती श्रेणी के घरों पर जीएसटी की दर क्रमशः 18% और 12% थी.
रविवार को जीएसटी काउंसिल की 33वीं बैठक के दौरान यह फ़ैसला लिया गया.
इस बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि निर्माणाधीन मकानों पर लगने वाले जीएसटी स्लैब की समीक्षा के लिए एक मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया गया था. जिसमें इस पर एक विस्तृत चर्चा हुई और राज्यों और केंद्र की इनपुट क्रेडिट की गणना की गई.
उन्होंने कहा, "इस पर विस्तृत चर्चा हुई और जिसमें राज्यों और केंद्र की इनपुट क्रेडिट लगभग मैच करती थी तो मकान ख़रीदारों को इसका लाभ मिले, क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में लाखों अपार्ट्समेंट्स नहीं बिके हैं, लिहाजा यह तय हुआ कि मकानों पर दो जीएसटी दरें रहेंगी, दोनों बगैर इनपुट टैक्स क्रेडिट के. और सामान्य मकान पर 5% और किफायती श्रेणी के घरों पर 1% की दरें तय की गई हैं."
किफायती श्रेणी के घरों की परिभाषा
अरुण जेटली ने बताया कि किफायती श्रेणी के घरों पर जीएसटी एक फ़ीसदी रखने की वजह है कि रियल सेक्टर को हम एक वास्तविक तेज़ी देना चाहते हैं और लोगों को सस्ती दरों पर घर मिले यह तय करना चाहते हैं.
किफायती श्रेणी के घरों की परिभाषा क्या होगी यह हमने कारपेट एरिया और कीमत के आधार पर तय किया है.
"मेट्रो सिटी यानी दिल्ली, चेन्नई, बंगलुरू, एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद, फ़रीदाबाद, गुड़गांव), हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्रों (MMR) में किफायती श्रेणी के घरों के लिए कारपेट एरिया 60 वर्ग मीटर (645 वर्ग फ़ीट) तय किया गया है और जिसकी अधिकतम कीमत 45 लाख रुपये तक की हो. सुपर एरिया को मिलाकर इसमें आसानी से दो कमरों का मकान बन जाता है."
मेट्रो के अलावा 90 वर्ग मीटर (968 वर्ग फ़ीट) और 45 लाख रुपये तक की कीमतें तय की गई हैं.
जेटली ने ये भी बताया, "जो मौजूदा मकान बन रहे हैं उनका नए जीएसटी में ट्रांजिशन कैसे होगा, तो मैं यह बताना चाहता हूं कि इसके लिए नियम और गाइडलाइन्स बननी होंगी. काउंसिल की मीटिंग में इसके डिटेल तय हो जाएं. फिटमेंट और लॉ कमेटी 10 मार्च तक उन गाइडलाइन्स को तय करेंगी. "
वैसे ये नई दरें 1 अप्रैल 2019 से लागू होंगी
लॉटरी के जीएसटी पर नहीं हुआ फ़ैसला
इस दौरान जेटली ने लॉटरी पर लगने वाली जीएसटी को लेकर भी घोषणा की. जीओएम ने एक समान रेट 18 या 28 फ़ीसदी की सिफारिश की थी. इस पर चर्चा हुई. पंजाब और केरल के कुछ सदस्य इस बैठक में शामिल नहीं हो सके इसलिए इस पर फ़ैसला अगली बैठक में चर्चा के बाद लिया जाएगा.
मौजूदा समय में राज्यों की लॉटरी पर 12% और राज्य की मंजूरी से चलने वाली लॉटरी पर 28% जीएसटी है.
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