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ममता के साथ विपक्ष, बीजेपी बोली- लोकतंत्र की हत्या
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पुलिस कमिश्नर के घर सीबीआई टीम पहुंचने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार रात धरना शुरू कर दिया.
राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में धरनास्थल पर मौजूद हैं.
कोलकाता में मौजूद बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली के मुताबिक पश्चिम बंगाल के दूसरे हिस्सों से भी विरोध प्रदर्शन की ख़बरें मिल रही हैं. कुछ जगहों पर रेल रोके जाने की भी ख़बर है.
इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी 'भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए सीबीआई जांच में बाधा डाल रही हैं'. पार्टी नेताओं ने उम्मीद जाहिर की है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट निर्देश जारी करेगा.
वहीं, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने इस मामले में ममता बनर्जी को समर्थन देने का एलान किया है. विपक्ष के कुछ नेता ममता बनर्जी को समर्थन देने के लिए सोमवार को कोलकाता पहुंच सकते हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ है.
राहुल गांधी ने ट्विटर पर जानकारी दी है, "मैंने आज रात ममता दी से बात की और उन्हें बताया कि हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं. बंगाल में जो हो रहा है, वो मिस्टर मोदी और बीजेपी की ओर से भारत के संस्थानों पर किए जा रहे निर्मम प्रहार का हिस्सा है. पूरा विपक्ष एकजुट होकर इन फासीवादी ताकतों को पराजित करेगा."
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की है.
उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर जानकारी दी, "धरने पर बैठी ममता दीदी से बात की और नेशनल कॉन्फ्रेंस के समर्थन की जानकारी दी. राजनीतिक हथियार के तौर पर सीबीआई के इस्तेमाल और मोदी सरकार की ओर से संस्थानों के दुरुपयोग ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं. एक पूर्व मुख्यमंत्री का भारत के संघीय ढांचे के लिए इतना कम सम्मान होना सदमे की वजह है."
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ममता बनर्जी के धरने का समर्थन किया है.
अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा है, "भाजपा सरकार की उत्पीड़नकारी नीतियों और CBI के खुलेआम राजनीतिक दुरुपयोग के कारण जिस तरह देश, संविधान और जनता की आज़ादी ख़तरे में है, उसके ख़िलाफ़ ममता बनर्जी जी के धरने का हम पूर्ण समर्थन करते हैं. आज देश भर का विपक्ष और जनता अगले चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एकजुट है."
वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि वो सोमवार को कोलकाता जा सकते हैं.
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के ट्विटर अकाउंट से भी ममता बनर्जी को समर्थन का एलान किया गया है.
लालू प्रसाद यादव के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में लिखा गया है, "देश का आम आवाम भाजपा और उसकी गठबंधन सहयोगी पक्षपाती CBI के ख़िलाफ़ है. हम @MamataOfficial जी के साथ खड़े है. तानाशाही का नंगा नाच हो रहा है. लोकतंत्र पर सबसे बड़ा ख़तरा. संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर अभूतपूर्व संकट. चुनावी जीत के लिए देश को गृह युद्ध में झोंकने की कोशिश."
उधर, केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा है कि कोलकाता में हो रही घटना दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी एक तानाशाह की तरह अपने राज्य के भ्रष्टाचारियों को बचाना चाहती हैं. वो सीबीआई की जांच में बाधा डालना चाहती हैं.
राव ने आगे कहा, "सीबीआई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर काम कर रही है. किसी राज्य सरकार के पास सीबीआई के काम में बाधा डालने या फिर उन्हें हिरासत में लेने की शक्ति नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि इस घटना को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश देगा, नहीं तो इस देश में कोई एजेंसी काम नहीं कर पाएगी."
सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने कहा है कि सीबीआई इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है.
बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कोलकाता के घटनाक्रम को 'लोकतंत्र की हत्या' बताया है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, "शर्मनाक अराजकता, लोकतंत्र की हत्या !!!''
पुलिस कमिश्नर के यहां छापा मारने गए CBI अफसरों को पुलिस ने रोका, पीटा और थाने ले गई! जबकि CBI की जाँच 2014 से SC के निर्देश पर हो रही है. इसके लिए मोदी सरकार को बदनाम करना राजनीतिक खुन्नस नही तो और क्या है ! यह बौखलाहट बहुत कुछ कह रही है."
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