ऋषि कुमार शुक्ला: कमलनाथ ने डीजीपी पद से हटाया, मोदी सरकार ने सीबीआई प्रमुख बनाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने शनिवार को आईपीएस अधिकारी ऋषि कुमार शुक्ला को भारत की प्रमुख जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई का नया निदेशक बनाया है.

सीबीआई प्रमुख का पद पूर्व निदेशक आलोक वर्मा का ट्रांसफर होने के बाद 10 जनवरी से खाली पड़ा हुआ था.

अब मध्य प्रदेश के डीजीपी रहे ऋषि कुमार शुक्ला को इस पद की ज़िम्मेदारी दी गई है.

ऋषि कुमार शुक्ला 1983 बैच के मध्य प्रदेश काडर के अफसर हैं. ये पहला मौक़ा है जब मध्य प्रदेश काडर के किसी आईपीएस अधिकारी को सीबीआई प्रमुख बनाया गया है.

यह भी संयोग है कि 'रॉ' और सीबीआई दोनों के प्रमुख पहली बार मध्य प्रदेश काडर के हैं. 'रॉ' प्रमुख मध्य प्रदेश कैडर के अनिल धसमाना हैं.

ऋषि कुमार शुक्ला को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का क़रीबी माना जाता है. दोनों इंटेलिजेंस ब्यूरो में साथ काम कर चुके हैं.

शुक्ला मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं और वहीं के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से बीकॉम में ग्रेजुएट हैं. वे अभी तक मध्य प्रदेश के डीजीपी थे.

सरकार बदलने पर बदला पद

मध्य प्रदेश में सरकार बदलने के बाद चार दिन पहले ही कमलनाथ सरकार ने उन्हें पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन का चेयरमैन बनाया था.

इस पद को पुलिस विभाग में डीजीपी के पद के मुक़ाबले छोटा माना जाता है. कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी ने शनिवार को उनके नाम पर मुहर लगाई.

उन्हें दो साल के लिए सीबीआई निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है. अभी नागेश्वर राव सीबीआई के अंतरिम निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं.

सीबीआई के नए निदेशक के चयन को लेकर शुक्रवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक हुई थी.

खड़गे की आपत्ति

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लोकसभा में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऋषि कुमार शुक्ला के चयन पर सवाल उठाया है. खड़गे भी इस चयन समिति के अध्यक्ष थे.

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी असहमति जताई है.

उन्होंने शुक्ला की नियुक्ति पर कहा है कि उनके पास भ्रष्टाचार के मामलों को निपटाने का कोई अनुभव नहीं है, इसलिए उन्हें निदेशक नहीं बनाया जाना चाहिए.

खड़गे की आपत्ति पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा कर चाहते हैं कि वो अपने पसंद के अधिकारी को निदेशक बनाएं.

सिंह ने कहा कि इस चयन समिति के सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई शुक्ला की नियुक्ति पर पूरी तरह से सहमत हैं.

क्या हैं चुनौतियां

शुक्ला को सीबीआई की कमान तब मिली है जब यह जांच एजेंसी विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही है.

शुक्ला के नेतृत्व में सीबीआई को कई अहम केस सुलझाने हैं. इनमें 2जी घोटाला, कोयला घोटाला, एयर इंडिया स्कैंडल, पी चिदंबरम के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले समेत कई अहम मसले हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति में हो रही देरी पर भी नाख़ुशी जताई थी.

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना में टकराव के कारण सीबीआई पिछले कुछ महीनों से विवादों में थी.

दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे.

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