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राहुल गांधी ने कहा नरेंद्र मोदी के दबाव में हैं मनोहर पर्रिकर
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मनोहर पर्रिकर के ख़त का जवाब देते हुए कहा है कि पर्रिकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि वो नहीं चाहते थे कि मनोहर पर्रिकर को कोई जवाब दें लेकिन चूंकि उनके नाम पर्रिकर का ख़त सार्वजनिक हो गया है इसलिए उनके लिए ज़रूरी हो गया है कि वो अपनी स्थिति स्पष्ट कर दें.
राहुल ने पर्रिकर को ख़त में लिखा है, ''रफ़ाल डील मामले में एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री पर हमला करने का मुझे पूरा अधिकार है. लेकिन मैंने हम दोनों की मुलाक़ात के दौरान हुई बातचीत का कोई ज़िक्र नहीं किया है. मैंने वही कहा है जो पहले से ही जनता के सामने है.''
राहुल ने आगे लिखा है, ''मुझे आपकी हालत से पूरी हमदर्दी है. मैं समझता हूं कि मेरी मुलाक़ात के बाद से आप अत्यधिक दबाव में हैं. उसी दबाव ने आपको प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों से अपनी वफ़ादारी साबित करने के लिए मुझ पर हमला करने के लिए मजबूर किया है.''
दरअसल राहुल गांधी और लंबे समय से बीमार गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर की मंगलवार को हुई मुलाक़ात विवादों में आ गई है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि वो पर्रिकर का हालचाल पूछने के लिए गोवा गए थे और इस दौरान मनोहर पर्रिकर ने उनसे कहा था कि रफ़ाल मामले में उनका कोई हाथ नहीं था.
राहुल गांधी के इस दावे की चर्चा हो ही रही थी कि इस पर अब मनोहर पर्रिकर का बयान आ गया.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई का एक ट्वीट को रिट्वीट किया है. इस ट्वीट में मनोहर पर्रिकर का राहुल गांधी को भेजा गया लिखित जवाब है.
इसमें मनोहर पर्रिकर ने लिखा था, "मुझे बहुत बुरा लग रहा है कि आपने इस मुलाकात को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया. आपने जो पांच मिनट मेरे साथ बिताए, उनमें रफाल के बारे में कोई बात नहीं हुई."
इस लेटर को रिट्वीट करते हुए अमित शाह ने लिखा, "प्रिय राहुल गांधी, एक बीमार व्यक्ति के नाम पर झूठ बोलकर आपने दिखा दिया कि आप कितने असंवेदनशील हैं. भारत के लोग आपके इस रवैए से हैरान हैं."
मंगलवार को हुई थी मुलाकात
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात करते वक़्त ये कहा था कि वो शिष्टाचार के तहत उनसे मिलने गए थे.
राहुल ने मंगलवार को गोवा विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री चैम्बर में पर्रिकर से मुलाकात की थी.
इसके लिए राहुल गांधी की तारीफ़ भी हुई. पर्रिकर बहुत दिनों से बीमार चल रहे हैं ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष का उनसे मिलना एक प्रशंसा योग्य क़दम था.
लेकिन मंगलवार को ही कोच्चि में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने फिर रफ़ाल का ज़िक्र छेड़ दिया और मनोहर पर्रिकर से मुलाकात का हवाला दिया.
राहुल का कहना था, दोस्तों, ''पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने साफ़ कहा है कि नई डील से उनका कोई लेना देना नहीं है, जिसे नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी के फ़ायदे के लिए किया है.''
दरअसल राहुल की पर्रिकर से मुलाकात के बाद ये सवाल उठ रहे थे कि उन्होंने रफ़ाल का मुद्दा इतने ज़ोर-शोर से उठाया, फिर पर्रिकर से मिलने क्यों पहुँच गए. विश्लेषकों का कहना है कि शायद राहुल गांधी बैठक में रफ़ाल का ज़िक्र करके इसे बैलेंस करना चाह रहे होंगे.
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