पीयूष गोयल को 'अस्वस्थ जेटली' के वित्त मंत्रालय का प्रभार

पीयूष गोयल

इमेज स्रोत, Getty Images

केंद्र सरकार में रेलवे मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली इस वक़्त 'नियमित चेकअप' के लिए अमरीका में है.

एक फ़रवरी मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ''अरुण जेटली के अस्वस्थ होने के कारण वित्त मंत्रालय और कॉपोरेटअफ़ेयर्स मामले का कार्यभार पीयूष गोयल संभालेंगे. इस दौरान अरुण जेटली मिनिस्टर विद्आउट पोर्टफ़ोलियो होंगे. ''

पीयूष गोयल

इमेज स्रोत, Rastrapati bhavan

अरुण जेटली को क्या बीमारी है, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके उनके स्वस्थ होने की कामना की थी.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

पिछले साल अप्रैल में वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की समस्या के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे. चार जून के उन्होंने अपने ट्विटर के जरिए किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी दी थी.

अरुण जेटली

इमेज स्रोत, Getty Images

इस दौरान भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को ही वित्त मंत्रालय की बागडोर दी गई थी.

कौन हैं पीयूष गोयल

रेलवे मंत्री होने के साथ-साथ पीयूष गोयल कोयला मंत्री भी हैं. वे महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं. उन्होंने भाजपा की सूचना संचार अभियान समिति का नेतृत्व किया और भारतीय आम चुनाव 2014 के लिए सोशल मीडिया के प्रचार सहित पार्टी के प्रचार और विज्ञापन अभियान को संभाला.

पीयूष गोयल के पिता वेद प्रकाश गोयल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में शिपिंग मंत्री थे. पीयूष गोयल ने चार्टड अकाउंटेंट की परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और मुंबई लॉ यूनिवर्सिटी में नंबर दो रहे.

इसके अलावा वे येल यूनिवर्सिटी, ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के लीडरशिप प्रोग्राम का हिस्सा भी रह चुके हैं. इसके अलावा वे स्टेट बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)