You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ये सल्तनत और संविधान मानने वालों के बीच की लड़ाई है: पीएम मोदी
शुक्रवार से दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हुआ है. अधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार को पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जम कर निशाना साधा.
कार्यक्रम के पहले दिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रहे इस अधिवेशन का उदघाटन किया. उन्होंने चुनाव का बिगुल बजाते हुए मोदी सरकार की कई योजनाओं का ज़िक्र किया और विपक्ष के महागठबंधन पर चुटकी ली.
कार्यक्रम के दूसरे दिन मंच पर से मोदी ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनवाईं और कांग्रेस पर निशाना साधा.
उन्होंने क्या-क्या कहा, पढ़िए.
- भाजपा का जन्म सिद्धांतों के आधार पर हुआ है. ये पार्टी जनहित के लिए संघर्ष करती रही और सत्ता के माध्य्म से जनता की सेवा कर रही है.
- बीते चार सालों से कांग्रेस ने कोशिश की है कि ऐसे हर कानून और योजना का विरोध करे जिससे लोगों का भला होता है और देश मज़बूत होता है.
- वो मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि रक्षा सौदों में दलाली ले सकें, घोटाले किये जा सकें. लेकिन हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली योजनाएं चला सकें.
- हम एनिमी प्रॉपर्टी ऐक्ट ले कर आए, जो कांग्रेस इतने सालों तक नहीं लाई थी. हम ओबीसो के लिए आरक्षण लाए, कांग्रेस ने उसका भी विरोध किया.
- कांग्रेस अयोध्या मसले का हल नहीं चाहती इसीलिए अपने वकीलों के माध्यम से वो न्याय प्रक्रिया में बाधाएं पैदा कर रही है. वो विकास के रास्ते में भी रोड़े अटकाती रही है जिसे हमें याद रखना है.
- कांग्रेस ने मुख्य न्यायाधीश पर आरोप लगा कर, महाभियोग ला कर उन्हें हटाने की कोशिश की थी.
- ये पहली बार है जब सभी राजनीति दल सिर्फ एक व्यक्ति को हराने के लिए एकजुट हो रहे हैं.
- कांग्रेस ने स्वच्छाता अभियान का विरोध किया, उनके कारण हमारे देश की नदियां बर्बाद हुईं. उन्होंने जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया, जीएसट का विरोध किया, मेक इन इंडिया का विरोध किया.
- वे खुद को देश संस्थाओं से ऊपर मानते हैं और इस कारण किसी संस्था की परवाह नहीं करते. इन्हें किसी पर भरोसा नहीं. आलम ये है कि ये भारत के विदेश विभाग पर भरोसा नहीं करते बल्कि दूसरे देश के विदेश विभाग पर भरोसा करते हैं. इन्होंने तो सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहा था.
- कांग्रेस ने कोशिश की थी कि किसी ना किसी तरह से मोदी को फंसाया जाए. उन्होंने तो अमित भाई को जेल में डाल दिया था. वो क़ानून में यकीन नहीं करते, लेकिन हम कानून पर यकीन करते हैं. गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए मुझसे एक मामले में नौ घंटे तक पूछताछ चली. हमारे हाथ में भी सत्ता है लेकिन हमें कानून पर भरोसा है.
- उनकी सल्तनत के अनुरूप जो भी नहीं होता वो उसका विरोध करते हैं लेकिन हम लोग बाबा साहब आंबेडकर के संविधान को मानते हैं और उस पर चलते हैं. ये लड़ाई सल्तनत और संविधान मानने वालों के बीच की है.
- जिस तरह से आप अपना सेवक चुनते हैं ठीक वैसे ही अपना प्रधानसेवक चुनें. ऐसा नेता चुनें जो सबको एकजुट रखे, आपसे अधिक घंटे काम करे और ईमानदारी से काम करें.
- सब कहते हैं कि मोदी आएगा तो जीत जाएंगे. लेकिन मोदी संगठन की पैदाइश है. संगठन के संस्कार से तपे ना होता तो मीठी-मीठी बातें सुन कर हम भी फिसल सकते थे लाखों कार्यकर्ताओं के तप और त्याग से हम यहां पहुंचे.
- हम जानते हैं बारिश कितनी अच्छी हो, बीज कितना ही अच्छा हो और उम्मीद कितनी अच्छी हो, अगर किसान समय पर खेत ही नहीं जोतेगा तो अच्छी पैदावार होगी क्या. जैसे किसान को खेत जोतना पड़ता है, हमें भी चुनावी मैदान को जोतना पड़ता है. तभी सब कुछ काम आएगा. जीत का मंत्र होना चाहिए- 'मेरा बूथ सबसे मज़बूत'.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)