रफ़ाल टेप जो राहुल संसद में सुनाना चाहते थे

मनोहर पर्रिकर

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रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे पर लोकसभा में हो रही बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से एक ऑडियो टेप चलाने की अनुमति मांगी, जिसके बाद सदन में हंगामा हो गया.

अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस ऑडियो की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए उसे चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

उन्होंने राहुल गांधी से लिखित में इसकी प्रमाणिकता की ज़िम्मेदारी लेने के लिए कहा.

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इसके बाद राहुल गांधी ने उस ऑडियो टेप में बोली गई बातों को पढ़ने की अनुमति मांगी तो अध्यक्ष ने फिर से प्रमाणिकता का सवाल उठाया.

राहुल गांधी ने इस टेप को चलाने के लिए काफ़ी ज़ोर दिया लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली इसका विरोध करते रहे.

आख़िर इस टेप में ऐसा क्या है जो विपक्ष इसे सदन में चलाना चाहता था और सत्ता पक्ष इसके लिए तैयार नहीं था.

विश्वजीत पी. राणे

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इमेज कैप्शन, गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी. राणे

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर आज ये वीडियो जारी किया था जिसमें गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत पी. राणे और एक अज्ञात व्यक्ति फ़ोन पर रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर बात कर रहे हैं. इस ऑडियो में की गई बातचीत इस प्रकार है:

अज्ञात शख़्: गुड ईवनिंग सर

विश्वजीत राणे : बॉस गुड ईवनिंग. मैंने आज फ़ोन किया था... 3 घंटे की कैबिनेट मीटिंग थी.

अज्ञात शख़्: ठीक है

विश्वजीत राणे : इसे गोपनीय रखें

अज्ञात शख़्: हां... हां...

विश्वजीत राणे : काफ़ी झगड़ा था. आप जातने हैं, काफ़ी झगड़ा था. नीलेश कैबरल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र से अधिकांश इंजीनियरों की भर्ती कर डाली, इसलिए हर कोई, जयेश सलगांवकर को लिस्ट मिल गई और उन्होंने उन्हें दिखाई. हर कोई उनसे लड़ रहा था और हर कोई परेशान था क्योंकि भर्ती के मोर्चे पर कोई काम नहीं हो रहा है.

अज्ञात शख़्:ठीक है

विश्वजीत राणे : बापू अजगांवकर सुदीन धवलीकर से लड़ रहे थे, क्योंकि उनका काम नहीं हो रहा था. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एक दिलचस्प बयान दिया कि रफ़ाल की सारी जानकारी मेरे बेडरूम में मेरे पास है.

अज्ञात शख़्: आप क्या कह रहे हैं?

विश्वजीत राणे : मैं आपको बता रहा हूं...

अज्ञात शख़्: हे भगवान

विश्वजीत राणे : वास्तव में आपको इस पर स्टोरी करनी चाहिए और आप मंत्रिमंडल के किसी ऐसे व्यक्ति से, जो आपका नज़दीकी हो, इस बात को चेक करा सकते हैं. क्योंकि ये बात है, आप जानते हैं. उन्होंने जो कहा, कुछ न कुछ है. इसका मतलब है कि वो उनको बंधक बना रहे हैं.

अज्ञात शख़्:क़सम से

विश्वजीत राणे : उन्होंने कहा कि मेरे बेडरूम में है. यहां ​फ्लैट में. रफ़ाल का एक-एक दस्तावेज़ मेरे पास है.

विश्वजीत राणे : अब या तो वो चाहते हैं कि कोई दिल्ली जाये और उनको बताये या कुछ और, ये पता नहीं. मुझे समझ नहीं आया.

अज्ञात शख़्: हे भगवान

विश्वजीत राणे : मैंने ये बात सिर्फ़ आपको बताई है.

अज्ञात शख़्:और आप जानते हैं कि 3 घंटे की कैबिनेट मीटिंग का कोई मतलब नहीं था या फिर वहां कोई और बात थी.

विश्वजीत राणे : कुछ भी नहीं. ये दिशाहीन थी. समय की बर्बादी थी.

अज्ञात शख़्:सर मुझे बताइए. ये आदमी अचानक विधानसभा सत्र में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखाने लगा... हमारे विधानसभा अध्यक्ष?

विश्वजीत राणे : क्योंकि उनको लगता है कि आरएसएस उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए मदद करेगा

अज्ञात शख़्:आह अच्छा, अच्छा... वो अपने ही चक्कर में है.

विश्वजीत राणे : वो अपने ही चक्कर में है. किसी ने कहा है कि सुदीन का मामला बिल्कुल साफ़ है कि वो समर्थन नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा है कि विजय का मामला बिल्कुल साफ़ है कि वो समर्थन नहीं कर रहा है.

विश्वजीत राणे : हे भगवान

विश्वजीत राणे : हमें एक बार मिलने की ज़रूरत है. क्योंकि आपको दिल्ली में कुछ बातों को पहुंचाने की ज़रूरत है. इस पूरे मामले का नतीजा क्या होगा.

अज्ञात शख़्:आप मुझे बताएं ना सर. जब भी आप मुझे कहेंगे, मैं पहुंच जाऊंगा.

विश्वजीत राणे : मैं आपको बस संक्षेप में बताऊंगा क्योंकि ये केवल उसी दिशा में जाएगा. मेरा रुख़ बिल्कुल स्पष्ट है.

अज्ञात शख़्:तो सर आप मुझे बताइए. जब भी आप मुझे बुलाना चाहेंगे. मैं वहां पहुंच जाऊंगा.

विश्वजीत राणे : ठीक है... बाय...

पर्रिकर ने टेप को बताया झूठ

इस ऑडियो टेप के सामने आने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने इसे झूठा बताते हुए ऐसी कोई भी बातचीत होने से इनकार कर किया है.

उन्होंने ट्वीट करके कहा, ''कांग्रेस पार्टी ने जो ऑडियो टेप जारी किया है वो रफ़ाल पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आए फ़ैसले से उनके झूठ उजागर होने के बाद तथ्यों को गढ़ने की एक निराशा भरी कोशिश है.

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रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने भी मनोहर पर्रिकर के ट्वीट को रिट्वीट किया है.

वहीं, विश्वजीत राणे ने भी इस टेप को झूठा बताया है. उन्होंने कहा कि इसमें सुनाई दे रही आवाज़ उनकी नहीं है. उनके और मुख्यमंत्री के बीच इस मसले को लेकर कभी इस तरह की बातचीत नहीं हुई. सबसे महत्वपूर्ण ये है कि जब से मैंने बीजेपी ज्वाइन की है तब से कांग्रेस मुझे निशाना बना रही है. वो मुझे अपने लिए ख़तरा मानते हैं. मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस ऑडियो क्लिप की जांच कराने की मांग की है.

विश्वजीत राणे ने 2017 में हुए गोवा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से चुनाव लड़ा था. लेकिन, कांग्रेस के सरकार न बना पाने के कारण राणे ने पार्टी के नेतृत्व को इसका ज़िम्मेदार ठहराया और बीजेपी में शामिल हो गए थे.

वहीं, विश्वजीत राणे के पिता प्रतापसिंह राणे भी कांग्रेस के सदस्य थे. वो छह बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे.

कांग्रेस रफ़ाल लड़ाकू विमान सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है. कांग्रेस इस सौदे की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराने की मांग कर रही है. हालांकि, बीजेपी ने सौदे में किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है.

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