उर्जित पटेल ने रिज़र्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दिया

उर्जित पटेल ने रिज़र्व बैंक के गवर्नर पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है, "निजी वजहों से मैंने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है. पिछले कई वर्षों से भारतीय रिज़र्व बैंक में विभिन्न पदों पर रहना मेरे लिए सम्मान की बात रही है. पिछले कुछ वर्षों में रिज़र्व बैंक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और सहयोग बेहद अहम रहा. मैं इस मौक़े पर अपने सहयोगियों और रिज़र्व बैंक के डायरेक्टर्स के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ और भविष्य के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूँ."

रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने जब पिछले महीने अपने भाषण में खुलकर रिज़र्व बैंक की स्वायत्ता की वकालत की थी और माना था कि नकदी की उपलब्धता, क्रेडिट फ्लो और सरकार के नियंत्रण को लेकर मोदी सरकार और रिज़र्व बैंक में मतभेद हैं.

पिछले कुछ समय से मोदी सरकार और गवर्नर उर्जित पटेल के बीच मनमुटाव की ख़बरें आ रही थीं. कहा जा रहा था कि सरकार ने आरबीआई एक्ट के सेक्शन-7 के भीतर अपने विशेषाधिकार को लागू कर दिया है. इसे रिज़र्व बैंक की स्वायत्ता में हस्तक्षेप माना गया था.

ऐसी भी ख़बरें थी कि वित्त मंत्रालय ने रिज़र्व बैंक कानून की धारा सात को लागू करने पर विचार कर रही थी. यह धारा सरकार को जनहित के मुद्दों पर रिजर्व बैंक गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार देती है.

यह भी कहा गया कि सरकार रिज़र्व बैंक से 3 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपये की मांग कर रही है, जिसका आरबीआई ने विरोध किया है. इन सब मुद्दों पर सरकार और उर्जित पटेल के बीच लगातार खटास की खबरें आती रहीं. इस खींचतान के बीच गवर्नर उर्जित पटेल ने 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की.

पिछले महीने ही रिज़र्व बैंक के बोर्ड की मैराथन बैठक भी हुई थी. ये बैठक तकरीबन नौ घंटे तक चली थी.

रिज़र्व बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार रिज़र्व बैंक के डिप्टी गवर्नर नियुक्त होने से पहले पटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज़ में प्रेसिडेंट (बिज़नेस डेवलपमेंट) और आईडीएफ़सी में कार्यकारी निदेशक थे.

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