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आज की पांच बड़ी ख़बरें: उमा भारती ने कहा बीजेपी का राम मंदिर मुद्दे पर पेटेंट नहीं
राम मंदिर बनाने के लिए तारीख़ की मांग कर रही शिवसेना को भाजपा नेता उमा भारती का साथ मिला है.
उमा भारती ने उद्धव ठाकरे के अयोध्या में धर्मसभा का आयोजन करने की कोशिश की सराहना की है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का राम मंदिर मुद्दे पर पेटेंट नहीं है, भगवान राम सभी के हैं.
उन्होंने राम मंदिर बनाने के काम में मदद देने के लिए बसपा, आज़म ख़ान और असदउद्दीन ओवैसी से भी मदद की अपील की.
राहुल का गोत्र और योगी का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान सोमवार को पहले अजमेर में ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह में ज़ियारत की, फिर पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर और घाट पर जा कर पूजा अर्चना की.
उन्होंने यहां पहली बार अपने गोत्र के बारे में बताया. पंडित के पूछे जाने पर उन्होंने अपना गोत्र 'कौल दत्तात्रेय' बताया.
इधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान चुनाव प्रचार के सिलसिले में राजस्थान में ही थे. उन्होंने राहुल के अपने गोत्र सार्वजनिक करने को भाजपा की जीत बताया.
योगी ने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जनेऊ दिखाकर सनातनी हिन्दू दिखाने का प्रयास करना ही हमारी वैचारिक विजय है. राहुल के परदादा कहते थे कि मैं एक्सीडेंटली हिंदू हूं. कांग्रेस कहती रही है कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ मुसलमानों का है. अगर ऐसा है तो हिंदू कहां जाएंगे?"
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'मुसलमान भी राम मंदिर के फ़ैसले के लिए तैयार'
राम मंदिर की जारी सियासी गरमी के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्लाह ने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में राम मंदिर पर अपनी बात रखी.
उनका कहना है कि राम मंदिर पर वो सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला मानने को तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि फ़ैसले का इंतज़ार करना चाहिए और क़ानून-संविधान की मर्यादा को दरकिनार नहीं करना चाहिए.
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कक्षा दो तक बच्चों को होमवर्क नहीं
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी कर कक्षा दो तक के बच्चों को होमवर्क से मुक्ति देने को कहा है.
छोटे बच्चों पर पढ़ाई का बोझ कम करने के लिए सरकार ने ये फ़ैसला किया है.
इतना ही नहीं बच्चों के बस्ते का बोझ भी कम करने का फ़ैसला किया गया है. अब कक्षा एक से दसवीं तक के बच्चों के बस्ते का न्यूनतम वज़न देढ़ किलो और अधिकतम पांच किलो होगा.
यह नया नियम नए सत्र 2019-20 से लागू होगा.
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यूक्रेन में मार्शल लॉ लगाने का ऐलान
तीन यूक्रेनियाई जहाज़ों पर रूस के क़ब्ज़े के बाद यूक्रेन में मार्शल लॉ लगाने का ऐलान हुआ है. यूक्रेन की संसद ने मॉर्शल लॉ के पक्ष में वोट दिया है.
ये मार्शल लॉ 30 दिनों तक लागू रहेगा. इस लॉ का प्रमुख असर रूस से सटी सरहदों पर होगा. मार्शल लॉ में वर्तमान क़ानूनों की जगह सैन्य क़ानून ले लेते हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने मार्शल लॉ 60 दिनों के लिए लगाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे संसद ने नामंज़ूर कर दिया.
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