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'मुंबई के शिवाजी टर्मिनस पर हँसता कसाब गालियां देते हुए गोलियां चला रहा था': प्रेस रिव्यू
मुंबई हमले की 10वीं सालगिरह को कई अख़बारों ने प्रमुखता से छापा है.
जनसत्ता अख़बार ने मुंबई के शिवाजी टर्मिनस में रेलवे उद्घोषक के इंटरव्यू को पहले पन्ने पर जगह दी है.
रेलवे उद्घोषक विष्णु जेंडे ने हमले वाली रात को याद करते हुए कहा, ''मुझे कसाब की कुटिल हँसी याद है. कसाब राइफ़ल के साथ उपनगरीय प्लेटफ़ॉर्म की तरफ़ बढ़ रहा था. कसाब हँसते हुए लोगों को गालियां दे रहा था और गोलियां चला रहा था.'
विष्णु जेंडे बताते हैं, ''कसाब जिस बर्बरता से लोगों को मार रहा था, उसे भुलाना आसान नहीं है. जब मुझे हमले का पता चला तो मेरा काम था कि यात्रियों को सतर्क कर सकूं. मैंने घोषणा कर फ़ौरन प्लेटफ़ॉर्म ख़ाली करने को कहा. मैंने यात्रियों को उस प्लेटफ़ॉर्म पर जाने को कहा, जहां से लोगों की जान बच सकती थी.''
भीड़ ने पीट-पीटकर की हत्या
हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, दिल्ली में एक 26 साल के ऑटो ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है.
मामला दिल्ली के मोहन गार्डन का है और घटना शनिवार की है.
ख़बर के मुताबिक़, 200-300 लोगों ने ऑटो ड्राइवर अविनाश सक्सेना को कारों से बैट्री चुराने के शक में पीटकर मार डाला. भीड़ में से किसी एक शख़्स ने अविनाश का मोबाइल लेकर उनके माता-पिता को फ़ोन किया.
जब वो घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को फ़ोन करना चाहा तो भीड़ ने उनका फ़ोन भी छीन लिया.
अविनाश की मां कुसुम ने बताया, ''मेरा बेटा हमसे ख़ुद को बचाने के लिए कहा रहा था. लेकिन भीड़ के आगे हम लाचार थे. मेरा बेटा बेहोश होता तो भीड़ पानी छिड़कती. वो होश में आता तो फिर पीटते.''
इस मामले में उत्तम नगर थाने में केस दर्ज किया गया है.
'दावा छोड़ें मुस्लिम वरना मथुरा, काशी भी लेंगे'
अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक़, अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप की धर्मसभा ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है.
संतों ने मुसलमानों से रामजन्म भूमि पर दावा छोड़ने की अपील के साथ चेतावनी दी है कि अगर अध्यादेश लाकर राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो यह सिलसिला अयोध्या तक नहीं रुकेगा.
संतों ने कहा, ''मथुरा और काशी विश्वनाथ समेत उन हज़ारों मंदिरों के निर्माण की भी मांग होगी, जिन्हें तोड़कर मस्जिद बनाई गईं हैं.''
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस मुद्दे पर कहा है कि राम मंदिर पर कोई भी निर्णय लेने से पहले पार्टी और सरकार जनवरी में सुप्रीम कोर्ट पर होने वाली सुनवाई का इंतज़ार करेगी.
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