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'बच्ची के मुंह में सुलगता हुआ पटाखा रख दिया'
- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, मेरठ से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
क्या कोई मुंह में रखकर पटाखा फोड़ने की सोच सकता है? वो भी एक मासूम सी बच्ची को चॉकलेट का झांसा देकर...!
अमूमन बड़े बच्चों को पटाखों से दूर रहने की सलाह देते हैं लेकिन मेरठ के सरधना ज़िले के मिलक गांव में एक ऐसा मामला सामने आया है जिस पर यक़ीन करना मुश्किल है.
यहां एक अधेड़ उम्र के शख़्स ने एक बच्ची को चॉकलेट का झांसा देकर उसके मुंह में सुलगता हुआ पटाखा रख दिया. पटाखा सुलग रहा था और मुंह में रखने के साथ ही कुछ देर बाद फट गया.
मुंह में पटाखा फटने से बच्ची बुरी तरह जल गई. उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
कब और कैसे हुआ ये हादसा?
घटना में बुरी तरह घायल बच्ची आरुषि की मां ज्योति कहती हैं "धनतेरस की शाम थी और सभी बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे. अचानक से आरुषि के चीखने की आवाज़ें आने लगीं. मैंने जाकर देखा तो आरुषि का मुंह फटा हुआ था. उसके मुंह से खून बह रहा था."
ज्योति बताती हैं कि शुरू में तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब उन्होंने वहां मौजूद दूसरे बच्चों से पूछा तो उन्होंने सारी बात बताई.
बच्चों ने बताया "गांव के हरिया ने आरुषि को चॉकलेट खिलाने के बहाने उसके मुंह में सुलगता हुआ पटाखा रख दिया, जो मुंह में ही फट गया."
थोड़ी ही देर में घटना की जानकारी पूरे गांव को हो गई और दर्जनों की संख्या में लोग वहां पहुंच गए.
आरुषि के पिता शीशपाल ने कहा "मेरी बेटी कुछ बोल नहीं पा रही. जब हमने उसे देखा तो उसके मुंह से खून निकल रहा था. हमें कुछ भी समझ नहीं आया. हरिया ने ऐसा क्यों किया हमें नहीं पता. हमारी उससे कोई दुश्मनी भी नहीं है. लेकिन इतना तो तय है कि हरिया ने मेरी बेटी को जान से मारने की कोशिश की है."
मासूम के मुंह में चॉकलेट के बहाने पटाखा रखने की बात को सरधना के थाना प्रभारी संदिग्ध मानते हैं.
एसओ प्रशांत कपिल कहते हैं "बच्ची को पटाखे से चोट आई है ये बात तो सच है लेकिन चॉकलेट के बहाने पटाखा उसके मुंह में रखा गया इस बात की जांच होगी. आरोपी हरिया के ख़िलाफ़ जान से मारने के प्रयास के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. उसकी तलाश की जा रही है."
बच्ची के मुंह में ही छोड़ा गया पटाखा
आरुषि ज़ख़्मी हालत में एक अस्पताल में भर्ती है. वो ना तो कुछ बोल पा रही है और ना ही खा पा रही है.
आरुषि के मुंह में ही पटाखा रख कर छोड़ा गया, इस बात की तस्दीक चिकित्सक सुनील त्यागी करते हैं.
सुनील त्यागी कहते हैं "जिस तरह आरुषि के मुंह में चोट आई है उसे देखकर यही लगता है कि उसके मुंह में ही पटाखा कर रख कर छोड़ा गया है.पटाखे के मसाले के कण भी शायद बच्ची के भीतर ही हैं. उसके मुंह में कई टांके लगाने पड़े हैं. बच्ची पर हर पल निगाह रखी जा रही है."
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