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एमजे अकबर ने विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दिया
भारत के विदेश राज्यमंत्री मोबशर जावेद अकबर ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार एमजे अकबर ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा है कि "मैंने निजी तौर पर अदालत से इंसाफ़ लेने का फ़ैसला किया है. इसलिए मैं अपना पद छोड़ रहा हूँ."
67 साल के एमजे अकबर पर पंद्रह से ज़्यादा महिलाओं ने #MeToo कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं.
इनमें से एक महिला पत्रकार प्रिया रमानी के ख़िलाफ़ एमजे अकबर ने सोमवार को आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था.
साथ ही ये चेतावनी भी दी थी कि जिन महिलाओं ने उनपर आरोप लगाये हैं, वो उन सभी के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करेंगे.
'अब कोर्ट से इंसाफ़ का इंतज़ार'
एमजे अकबर के इस्तीफ़े की ख़बर के बाद पत्रकार प्रिया रमानी ने ट्वीट किया है कि "एमजे अकबर के इस्तीफ़े के बाद एक महिला के तौर पर हम दोषमुक्त महसूस कर रहे हैं. अब उस दिन का इंतज़ार है जब कोर्ट में भी मुझे इंसाफ़ मिलेगा. #MeToo"
एमजे अकबर के इस्तीफ़े के बारे में कहा जा रहा है कि पब्लिक के दबाव में दिया गया ये 'नरेंद्र मोदी सरकार का पहला इस्तीफ़ा' है.
पिछले कुछ दिनों से नरेंद्र मोदी की सरकार पर एमजे अकबर से इस्तीफ़ा लेने का दबाव बनाया जा रहा था. सोशल मीडिया पर काफ़ी लोग एमजे अकबर की आलोचना कर रहे थे.
एएनआई ने एमजे अकबर का जो बयान जारी किया है, उसमें लिखा है, "चूंकि मैंने व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट से इंसाफ़ लेने का फ़ैसला किया है. इसलिए मुझे लगता है कि मुझे अपना पद छोड़ देना चाहिए और अपने ऊपर लगे बेबुनियाद आरोपों का सामना निजी तौर पर ही करना चाहिए, एक मंत्री के तौर पर नहीं. इसलिए मैं भारत के विदेश राज्यमंत्री का पद छोड़ता हूँ. मुझे ख़ुशी है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मुझे देश की सेवा करने का मौक़ा दिया."
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